एक्सक्लूसिव: जीरो टॉलरेंस के राज में आरटीआई का जवाब देने से कतरा रहे अधिकारी

जीरो टॉलरेंस के राज में आरटीआई का जवाब देने से कतरा रहे अधिकारी

रिपोर्ट- अनुज नेगी
पौड़ी। डबल इंजन की सरकार में भ्रष्टाचार को किस तरह से अंजाम दिया जाता है इसका उदाहरण पौड़ी जिले में देखने को मिला। जहां विभाग अपनी कमी को छिपाने के लिए सूचना अधिकार का जवाब देने से कतरा रहा है। सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत आम नागरिक सरकार और किसी भी विभाग से सूचना मांग सकता हैं। जनपद पौड़ी के जयहरीखाल ब्लॉक के उच्च अधिकारी आरटीआई का जवाब देना उचित नहीं समझते है। छह माह पूर्व में आरटीआई कार्यकर्ता इंद्रजीत असवाल ने खण्ड विकास अधिकारी जयहरीखाल से सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत सूचना मांगी थी।

मगर विभाग अपनी करतूत छिपाने के लिए आरटीआई कार्यकता को सूचना देने से कतरा रखा है। लगता है कि ब्लॉक के भ्रष्ट अधिकारियों को डर सताने लगा है। कही उनकी भ्रष्टाचार पोल न खुल जाए।

आरटीआई कार्यकर्ता इंद्रजीत असवाल ने बताया कि, मैने छह माह पूर्व में खण्ड विकास अधिकारी जयहरीखाल से पिछले पांच वर्ष में लगी सोलर लाइटों का विवरण सूचना अधिकार से मांगा था मगर विभाग ने मुझे आज तक इसकी सूचना तक नही दी। फिर मेने एक माह पूर्व 02 जुलाई को खण्ड विकास अधिकारी से अपील की थी, मगर तब भी अधिकारियों की नींद नही जगी ओर विभाग ने अभी तक मुझे कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई। अब मुझे न्यायालय की शरण मे जाना पड़ रहा है, ताकि इनकी भ्रष्टाचार की पोल खुल सके।

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