देहरादून, 26 जून 2025।
एनएच-74 घोटाले को लेकर एक बार फिर सियासत गर्मा गई है। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने इस बहुचर्चित मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ दोबारा जांच की मांग की है। पार्टी के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ललित श्रीवास्तव ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि उन्होंने पूर्व में ही एनएच-74 घोटाले में आरोपी पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन सरकार ने उन्हें नजरअंदाज करते हुए संबंधित अधिकारी को क्लीन चिट दे दी और बाद में पदोन्नति भी कर दी।
अब जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डीपी सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की है, तो सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रीवास्तव ने सरकार पर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।
विधानसभा में हुआ था सीबीआई जांच का वादा, आज तक नहीं हुई कार्रवाई
पार्टी ने सरकार से यह भी पूछा कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा विधानसभा में एनएच-74 घोटाले की सीबीआई जांच कराने का वादा किया गया था, तो फिर अब तक जांच क्यों नहीं करवाई गई? उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कहीं इस घोटाले में शामिल रसूखदार लोगों को बचाने के लिए ही जांच को रोका गया तो नहीं?
डोईवाला शुगर मिल में रिश्तेदार की नियुक्ति पर सवाल
पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि डीपी सिंह वर्तमान में डोईवाला शुगर मिल के निदेशक हैं और उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने एक रिश्तेदार को उत्तर प्रदेश, सहारनपुर से बुलाकर डोईवाला शुगर मिल में नियुक्त कर दिया है। यह पूरी प्रक्रिया नियम विरुद्ध और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने वाली है।
आंदोलन की चेतावनी
जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह गुसाईं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार इस मामले में शीघ्र और उचित कार्रवाई नहीं करती है तो राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
पार्टी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की है कि एनएच-74 घोटाले की जांच न्यायाधीश या पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि जनता का शासन प्रशासन में भरोसा कायम रह सके और भ्रष्टाचारियों को सजा मिल सके।




