देहरादूनः सरदार भगवान सिंह यूनिवर्सिटी (SBSU) ने 13-14 मार्च, 2026 को आयोजित अपनी दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस, जिसका शीर्षक “Biosciences Beyond Boundaries: Healthcare, Bioeconomy and Sustainable Well-being” था, का सफलतापूर्वक समापन किया।
हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में भारत और विदेशों से 800 से अधिक शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, छात्रों और विज्ञान प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह आयोजन बायोसाइंसेज में उभरते विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रभावित करने वाले बदलते तकनीकी परिदृश्य पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।.
कॉन्फ्रेंस का एक मुख्य आकर्षण “जेनरेटिव AI और वैज्ञानिक प्रकाशन का भविष्यः इनोवेशन, नैतिकता और प्रभाव” विषय पर एक पैनल चर्चा थी।
प्रो. (डॉ.) अतुल कौशिक और डॉ. निधि एस. बेलवाल द्वारा संचालित इस पैनल में प्रो. सर्ज सवेरी, प्रो. (डॉ.) नवीन अरोड़ा, डॉ. आशीष दुबे, प्रो. (डॉ.) जे. कुमार और प्रो. कुमुद मल्होत्रा शामिल थे।
इस चर्चा में अकादमिक शोध और प्रकाशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया, जिसमें साहित्य समीक्षाओं को गति देने, डेटा संश्लेषण में सहायता करने और शोध संचार को बेहतर बनाने की इसकी क्षमता भी शामिल थी।
पैनलिस्टों ने नैतिक चिंताओं पर भी प्रकाश डाला, जैसे कि “पेपर मिल्स” का उभरना, पीयर रिव्यू में प्रभावी AI-पहचान उपकरणों की आवश्यकता, और अकादमिक ईमानदारी बनाए रखने का महत्व।
पैनल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहाँ एक ओर AI शोध प्रक्रियाओं में अधिकाधिक सहायता करेगा, वहीं मानवीय निर्णय और नैतिक ज़िम्मेदारी की भूमिका अपरिहार्य बनी रहेगी।
समापन समारोह की शोभा CSIR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ पेट्रोलियम के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने बढ़ाई, जो इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने संबोधन में, डॉ. बिष्ट ने SBSU की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इतने समकालीन और प्रासंगिक विषय पर एक सम्मेलन का आयोजन किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान का भविष्य न केवल तकनीकी प्रगति पर, बल्कि पारदर्शिता, नैतिक आचरण और वैज्ञानिक ज्ञान के ज़िम्मेदार प्रसार पर भी निर्भर करेगा।
अपने समापन भाषण में, SBSU के कुलपति प्रो. (डॉ.) जे. कुमार ने सम्मेलन के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त किया और आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों को युवा शोधकर्ताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, साथ ही उन्हें शैक्षणिक नैतिकता और वैज्ञानिक ईमानदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए।
इस सम्मेलन में सात तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रमुख वक्ताओं ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिए और अकादमिक चर्चाओं के लिए एक उपयुक्त माहौल तैयार किया।
प्रत्येक सत्र के बाद शोधकर्ताओं और विद्वानों द्वारा मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिससे विचारों के आदान-प्रदान और रचनात्मक अकादमिक चर्चा का अवसर प्राप्त हुआ।
इस कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ताओं के एक पैनल द्वारा उत्कृष्ट मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों को सम्मानित किया गया।
इंद्रेश कुमार मौर्य (मणिपाल विश्वविद्यालय), डॉ. ऋचा उनियाल (SGRR विश्वविद्यालय), सुश्री अंजलि नायक (कृपानिधि कॉलेज ऑफ फार्मेसी), सुश्री मनोरमा राठी (पतंजलि विश्वविद्यालय), सुश्री उपासना उपाध्याय (SBS विश्वविद्यालय), सुश्री अश्मिता भट्ट (SGRR विश्वविद्यालय) और श्री मदन सिंह धीमान (SGRR विश्वविद्यालय) ने सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति का पुरस्कार जीताः जबकि सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति का पुरस्कार सुश्री मानवी रावत (GB पंत विश्वविद्यालय), साक्षी कोरियू (गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय), श्री पारितोष जुयाल (UPES), श्री निखिल शर्मा (SBS विश्वविद्यालय), श्री भानु प्रसाद (C.V. रमन ग्लोबल विश्वविद्यालय), श्री रोहेन्द्र सिंह, सुश्री ऋचा नेगी (SBS विश्वविद्यालय), सुश्री सुष्मिता फरत्याल (SGRR विश्वविद्यालय) और सुश्री G. सुदीक्षा (गुरुनानक इंस्टीट्यूट टेक्निकल कैंपस) ने अपने नाम किया।
सम्मेलन के आयोजन सचिव प्रो. (डॉ.) अतुल कौशिक ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और सम्मेलन की सफलता में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर गौरव भारती शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष श्री S.P. सिंह. SBSU के अध्यक्ष डॉ. गौरव दीप सिंह, प्रतिनिधि, प्रतिभागी, संकाय सदस्य, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र प्रतिभागी उपस्थित रहे।




