मातावाला बाग में धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी पर कोर्ट की रोक, श्री दरबार साहिब प्रबन्धन ने दी सख्त चेतावनी


– वरिष्ठ नागरिकों के लिए सैर की छूट, लेकिन अनुमति पत्र अनिवार्य –
– कुश्ती अखाड़े के लिए नए राष्ट्रीय स्तर के कोच की तलाश शुरू –

देहरादून, 3 अप्रैल 2025। श्री गुरु राम राय जी दरबार साहिब प्रबन्धन द्वारा संचालित मातावाला बाग को लेकर जारी विवाद पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए धरना, प्रदर्शन और नारेबाजी पर पूर्णतः रोक लगा दी है। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि मातावाला बाग के 250 मीटर के दायरे में कोई भी व्यक्ति या समूह किसी भी प्रकार का प्रदर्शन या अव्यवस्था नहीं कर सकेगा।

प्रबन्धन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मातावाला बाग श्री दरबार साहिब की सम्पत्ति था, है और हमेशा रहेगा। दरबार साहिब की एक इंच भूमि पर भी कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। कोर्ट के आदेश के अनुसार, जब तक प्रवेश के नियम और नए कुश्ती कोच की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक आमजन का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।

कोच पवन शर्मा को दी गई भावभीनी विदाई

गुरुवार को अन्तर्राष्ट्रीय कोच और द्रोणाचार्य लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्डी पवन शर्मा को दरबार साहिब प्रबन्धन और शहर के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। श्री शर्मा ने 1990 के दशक में ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज से अखाड़े की जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने वर्षों तक सफलतापूर्वक कोचिंग दी, लेकिन अब अस्वस्थता के चलते उन्होंने यह जिम्मेदारी दरबार साहिब को लौटा दी है।

नए कोच की तलाश और अखाड़े का भविष्य

दरबार साहिब प्रबन्धन ने घोषणा की है कि एक ऐसा राष्ट्रीय स्तर का कुश्ती कोच नियुक्त किया जाएगा जो खिलाड़ियों को ओलंपिक गोल्ड तक पहुंचा सके। इसके लिए राष्ट्रीय अखबारों में विज्ञापन जारी किया गया है। साथ ही संभावना जताई जा रही है कि श्री गुरु राम राय लक्ष्मण विद्यालय पथरीबाग में अत्याधुनिक कुश्ती अखाड़ा बनाया जाएगा, जिसकी देखरेख एनआईएस कोच करेंगे।

सैर पर कोई रोक नहीं, अनुमति पत्र अनिवार्य

प्रबन्धन के मुख्य व्यवस्थापक मधुसूदन सेमवाल ने बताया कि वरिष्ठ सज्जन नागरिकों को सुबह-शाम सैर की अनुमति है, लेकिन इसके लिए पूर्व अनुमति पत्र और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। ऐसा इसलिए ताकि नशेड़ी और ड्रग माफिया अच्छे नागरिकों की आड़ में प्रवेश न कर सकें

जीर्णोद्धार और शोध कार्यों की ओर कदम

मातावाला बाग का सौंदर्यकरण तेज़ी से किया जा रहा है। प्रवेश द्वार का निर्माण हो चुका है, खरपतवार हटाकर जुताई-बुआई भी की गई है। बाग को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कृषि विभाग को सौंपा गया है ताकि यहां शोध और अनुसंधान किए जा सकें। उल्लेखनीय है कि यह विश्वविद्यालय उत्तराखण्ड का पहला आईसीएआर मान्यता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय है।

कुश्ती प्रतिनिधियों और दरबार प्रबन्धन के बीच वार्ता

मातावाला बाग में तथाकथित कुश्ती प्रतिनिधियों के साथ पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में दरबार साहिब प्रबन्धन की वार्ता सकारात्मक रही। शिष्टमंडल में विकास वर्मा, विनय गोयल, तिलकराज, अमन श्वेडिया और पहलवान गोपाल शामिल रहे। दरबार प्रबन्धन ने इनसे सोशल मीडिया पर लगाए गए झूठे आरोपों के लिए बिना शर्त माफी की मांग की है। इस पर कुश्ती प्रतिनिधियों ने विचार करने की बात कही है और आगामी दिनों में एक और बैठक प्रस्तावित है।

प्रबन्धन की अपील: मातावाला बाग की गरिमा बनाए रखें

प्रबन्धन ने आमजन, स्कूली बच्चों और युवाओं से अपील की है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाएं और मातावाला बाग की गरिमा, हरियाली और विरासत की रक्षा करें।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts