आयुर्वेदिक संस्थान के संस्थाध्यक्ष मुनीष सैनी के खिलाफ एसआईटी ने कसा शिकंजा। कुकर्मों का मिला फल

एसआईटी प्रमुख मंजूनाथ टीसी के दिशा निर्देशन में काम कर रही एसआईटी की टीम ने आज ओम बायो साइंस एंड टेक्नोलॉजी रुड़की , ओम बायो साइंस एंड फार्मा कॉलेज रुड़की नियर पतंजलि योगपीठ, क्रिस्टल वर्ल्ड, गबन राशि 2 करोड़ 48 लाख 89 हजार 120 रुपया का मुकदमा बहादराबाद थाने में दर्ज किया।

अवगत करा दें कि इन संस्थानों का संस्था अध्यक्ष मुनीश सैनी एक निजी ओम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का भी संचालन करता है। यह भाजपा के बड़े नेताओ के साथ फोटो खिंचा कर रौब भी गालिब करता रहता है।

वर्तमान में सुर्ख़ियों में छाये आयुष छात्रों के आंदोलन के तार भी इसी संस्थान से जुड़े हैं। शुल्क वृद्धि को लेकर कुछ समय पूर्व जब छात्र और अभिभावक इस स्थान मे वार्ता हेतु पहुंचे तो इस संस्थान के संस्था अध्यक्ष मुनीश सैनी ने खुद संस्थान में तोड़फोड़ कर छात्र ललित मोहन तिवारी के खिलाफ फर्जी मुकदमा 48 घंटे बाद बहादराबाद थाने में दर्ज कराया था।

छात्रों के पास वीडियो मौजूद होने के बाद भी झूठा मुकदमा दर्ज किया गया जो पुलिस प्रशासन पर भी सवाल खड़े करता है कि पूर्व में जांच के घेरे में आए इस संस्था अध्यक्ष के कहने पर पुलिस प्रशासन हरिद्वार ने कैसे मुकदमा दर्ज किया !

बता दें कि छात्र ललित मोहन तिवारी द्वारा आयुष छात्रों की लड़ाई माननीय  न्यायालय से जीतने के बाद वर्तमान में परेड ग्राउंड देहरादून पर चल रही है। छात्रों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।  छात्र की आवाज दबाने के लिए यह झूठा मुकदमा पूर्व में उसी बहादराबाद थाने ने दर्ज कराया गया जहां आज एसआईटी ने उस संस्था अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है ।

स्पष्ट है कि आयुष छात्रों की आवाज को दबाने के लिए सरकार और संस्था अध्यक्ष मिलकर काम कर रहे हैं और सरकारों व निजी संस्थानों के गठजोड़ में यह आयुष के मासूम छात्र पिस कर रह गए हैं।

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