पौड़ी गढ़वाल के एकमात्र वृद्धाश्रम से वृद्धों का सहारा छिना

 

कोटद्वार।

फिल्म इंस्टीट्यूट संचालक ने बगैर जांचे परखे इंस्टीट्यूट की जगह चयनित की।45 वर्षों मुम्बई की फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष झेलने के बाद उत्तराखंड की प्रतिभाओं को दुनिया के रंगीन परदे पर हुनर दिखाने की नियत से कोटद्वार गढ़वाल निवासी कलाकार, निर्देशक शिवनारायण सिंह रावत को फिल्म इंस्टीट्यूट खोलते ही धोखा मिलने लगा।

कोटद्वार में जिस जगह शाकुन्तलम फिल्म एवं टेलीविजन इंस्टीट्यूट खुल रहा है उस जगह पूर्व में एक वृद्धाश्रम संचालित हुवा करता था। वृद्धाश्रम होने की जानकारी कोठारी गोल्डन ट्रांसपोर्ट क. के प्रो. गणेश कोठारी ने आरटीआई से ली जानकारी के अनुसार बताया कि जिस जगह शाकुन्तलम फिल्म इंस्टीट्यूट खुलने जा रहा है,वह स्थान कोटद्वार के कलालघाटी(कण्वघाटी),उदयरामपुर का है| 

जहां पूर्व में श्री शिवराम वृद्था एवं निराश्रित आश्रम धर्मादा समीति(पंजीकृत) थी। कुछ लोगों द्वारा इस आश्रम को अपने धन-बल और राजनीतिक प्रभाव से खुर्द बुर्द कर निजी हित साधने का काम किया जा रहा है। सामाजिक हित को नुक्सान पहुंचाने वाले ये राजनीतिक और धन-बल के मालिक इस वृद्धाश्रम में पूर्व मे सीबीएसई बोर्ड का निजी विद्यालय भी संचालित कर चुके हैं। 

गणेश कोठारी ने वृद्धाश्रम में फिल्म इंस्टीट्यूट खोलने का घोर विरोध करते हुए कोटद्वार की प्रबुद्ध जनता, मिडिया, सामाजिक कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि पौड़ी गढ़वाल के सबसे पुराने वृद्धाश्रम को बचाने में उनका सहयोग करें। वहीं गणेश कोठारी ने प्रशासन से भी अनुरोध किया है कि कोटद्वार के सबसे पुराने वृद्धाश्रम को पुनर्स्थापित करने के लिए कार्यवाही करे, जिससे निराश्रित और असहाय बुजुर्गो को आसरा मिल सके।

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