एक्सक्लूसिव

एक्सक्लूसिव: उत्तराखण्ड के सैकड़ों लोग क्यों कर रहे राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की दरख्वास्त !

नगर निगम देहरादून के सेलाकुई शीशम बाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट प्लांट के विरोध में सेंट्रल होप टाउन के सैकड़ों लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से इच्छा मृत्यु की मांग की है। पीड़ित लोगों ने हाल ही में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन नायाब तहसीलदार विकास नगर को सौंपा है।

क्षेत्र के लोगों ने राष्ट्रपति महोदय से कूड़ा निस्तारण केंद्र से उठने वाली जानलेवा गैस और दुर्गंध से स्लो पोयजन की तरह मिल रही मौत के चलते इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है। साथ ही ज्ञापन में प्लांट से हो रही परेशानियों के कारण पर्यावरण के दृष्टिगत “पूर्व राष्ट्रपति डाक्टर अब्दुल कलाम” द्वारा देश को समर्पित किये जाने वाले देश के पहले आसन वैटलेंड रिजर्व कंजर्वेशन और आसन नदी के खत्म हो रहे अस्तित्व पर भी सवाल उठाये गये हैं।

वहीं मौके पर प्लांट के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे पत्रकार सतपाल धानिया की भूख हड़ताल का आज छटा दिन है। इस बीच चिंता का विषय यह की डाक्टरो की टीम द्वारा किये गये ताजा मेडिकल में उनका लगभग पांच किलो वजन कम हो गया है। शरीर में पानी की बहुत कमी बताई जा रही है और ब्लड प्रेशर भी कम हो गया है। वहीं सतपाल ने बताया कि सरकार के किसी नेता मंत्री और जिम्मेदार को शर्म नहीं आ रही है जबकि तीन साल से लोग यहाँ जहरीली दुर्गंध भरी फिजाओं में मर रहे हैं।

हालांकि भूख हड़ताल के बीच SDM कोस्तुब मिश्र ने मौके पर पहुँचकर दुर्गंध नहीं आयेगी इस बात के लिये जिम्मेदारी ली हैं लेकिन जब तीन साल से एशिया का सबसे ज्यादा आधुनिक माना जाने वाला सॉलिड वेस्ट प्लांट का विदेशी सिस्टम भी जहरीली दुर्गंध नहीं रोक पाया तो भला SDM साहब अब क्या करेंगे !

जबकि तीन साल पहले प्लांट के उद्दघाटन के वक्त मुख्य मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका शुभारंभ करते हुए बताया था कि इस प्लांट को विश्व की बेस्ट तकनीक और सिस्टम के द्वारा स्थापित किया जा रहा है इसलिये इस से बिल्कुल भी जनजीवन प्रभावित नहीं होगा। लेकिन अब जब यहाँ हजारों की आबादी का जीना मुहाल हो रहा है तो मुख्य मंत्री महोदय झांक भी नहीं रहे हैं। हमारा दावा है कि मुख्य मंत्री यहाँ आयें और कुछ घंटों का समय यहाँ बिताये तब उन्हें पता चलेगा कि यहाँ लोग किन मुश्किलों के साथ जी रहे हैं।

वहीं भले ही प्रकरण में पत्रकार सतपाल धानिया आंदोलनरत हो और उन्हें जन समर्थन भी मिल रहा हो लेकिन मौके की स्थितियाँ भयावह हैं जिन्हें शीशमबाड़ा पहुँच कर ही महसूस किया जा सकता है। हर तरफ तीर्व दुर्गंध और गंदी मक्खियों के कारण वहाँ खड़ा होना भी दुश्वार हो रखा है।

वहीं इस प्रकरण में सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार पंचायत चुनावों के बाद सरकार की फजीहत होना तय है। क्योंकि कुछ राजनैतिक पार्टियाँ और गैर राजनैतिक संगठन इस प्रकरण को बड़ा मुद्दा बनाते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले हैं।

Add Comment

Click here to post a comment

Leave a Reply, we will surely Get Back to You..........

Calendar

October 2019
M T W T F S S
« Sep    
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031  

Media of the day