एक्शन: राज्य कर विभाग ने चार फर्मों पर मारा छापा। करोड़ों का टैक्स घोटाला पकड़ा ..

 

देहरादून/हरिद्वार | जुलाई 2025:
उत्तराखंड राज्य कर विभाग (स्टेट GST) ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल करने के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। विभाग ने हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र की चार फर्मों पर छापा मारते हुए कागजों में दिखाए गए माल की फर्जी खरीद के आधार पर 1.54 करोड़ रुपये का टैक्स घोटाला पकड़ा है। इस राशि को फर्मों ने तत्काल विभाग में जमा करा दिया है।

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?

राज्य कर विभाग के मुताबिक, ये फर्में मिश्र धातुओं जैसे लोहा, एल्यूमिनियम, तांबा से इंगट (पिंड) बनाने और वर्क कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी हैं। उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश की अस्तित्वहीन फर्मों से माल की खरीद फर्जी बिलों के माध्यम से दिखाई।
इस फर्जी खरीद के आधार पर या तो आईटीसी का लाभ लिया जा रहा था, या फिर जाली ITC को टैक्स देनदारी से समायोजित कर टैक्स को शून्य किया जा रहा था।

आयुक्त सोनिका के आदेश पर छापेमारी

राज्य कर विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ फर्में फर्जी बिलों का सहारा लेकर आईटीसी का लाभ ले रही हैं। इस पर आयुक्त सोनिका के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त आर.एल. वर्मा के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) की टीम ने हरिद्वार और रुड़की की 4 संदिग्ध फर्मों पर एक साथ छापेमारी की।

जांच में खुलासा

  • फर्में सिर्फ कागजों पर माल खरीद दिखा रही थीं।
  • वस्तुतः कोई वास्तविक आपूर्ति नहीं हुई थी।
  • जांच के दौरान तथ्यों की पुष्टि होते ही फर्मों ने 1.54 करोड़ की कर राशि जमा कराई।
  • अनुमान है कि अभी और बड़ी टैक्स चोरी का खुलासा हो सकता है।

कार्रवाई में शामिल अधिकारी

इस छापेमारी और जांच अभियान में उपायुक्त कार्तिकेय वर्मा, सहायक आयुक्त अंजनी कुमार सिंह, सुरेंद्र सिंह राणा, मो. इमरान, राज्य कर अधिकारी नितिन कुमार, अर्शित गोंडवाल और कुलदीप सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

जांच जारी, बढ़ सकता है आंकड़ा

राज्य कर विभाग के अनुसार, प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कर चोरी का आंकड़ा और अधिक हो सकता है। विभाग इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राज्य कर विभाग की सख्त चेतावनी

राज्य कर विभाग ने कारोबारियों को चेतावनी दी है कि फर्जी बिलिंग और गलत तरीके से ITC प्राप्त करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर न केवल भारी जुर्माना, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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