आखिर क्यों कहा ग्रामीण ने ऐसा, जब वो नही आ सकते तो हमको कैसे रहे उपदेश

इंद्रजीत असवाल

पौड़ी गढ़वाल

वैसे तो लोगो को दिखाने के लिए माइक लगाकर महाराज खूब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डांट रहे है पर यहाँ पर कुछ नहीं करते  । कुछ दिन पहले महाराज के लड़के खैरा सैन तक आये और आगे नही आये ,कहा रास्ता नही है पैदल नही आ सकते , जब वो पैदल नही आ सकते तो फिर हमें क्यो कहते हैं कि गांव में रहो पहले खुद तो रहकर देखो हमे उपदेश देते हैं खुद शहरों में रहते हैं ।

महाराज प्रदेश के कद्दावर मंत्री है व हमारे विधायक है परन्तु उन्होंने हमारी एक न सुनी क्या महाराज की नही चलती शासन में

मामला पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के गांव खैरा सैण से डेढ़ किलोमीटर आगे बन रहे पुल से शुरू हुआ ,ये पुल विगत वर्ष के अगस्त माह से बनाया जा रहा है जिसके कारण ग्रामीणों का मार्ग बन्द पड़ा है।

पुल निर्माण की वजह से ग्रामीणों का मार्ग कई समय से बन्द, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया निर्माण स्थल पर प्रदर्शन।

पूर्व मुख्यमंत्री TSR के गांव खैरा सैन से डोंर नागधार देवस्थल मोटर मार्ग के बीच में एक पुल का निर्माण कई महीनों से चल रहा है जिसके कारण पूरा मार्ग ही बन्द है। 

मार्ग बन्द होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।खास कर बुजुर्गों के लिए बड़ी परेशानी हो रही है। उन्होनें कहा कि उन्हें पुल बनने तक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था दी जाय लेकिन सरकार व प्रशासन उनकी सुन ही नहीं रहा है।

उनके द्वारा माननीय कैबिनेट मंत्री व यहाँ के विधायक सतपाल महाराज ,मुख्यमंत्री धामी व लोक निर्माण विभाग को कई बार सूचित किया गया है लेकिन कोई भी उनकी सुध लेने वाला नही है ।

ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें वैकल्पिक मार्ग नही दिया जाता तो वे आने वाले विधानसभा चुनाव में वोट नही देंगे ।

आक्रोशित ग्रामीणों ने पुल निर्माण स्थल पर  सरकार के खिलाफ प्रदर्शन व जमकर नारेबाजी भी की ।इस मौके पर सैकडो लोग मौजद थे।

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