बेमौसमी आसमानी आफत ने किसानों की आजीविका पर फेरा पानी।

बोलती तस्वीर !

नीरज उत्तराखण्डी 

जनपद उत्तरकाशी के पुरोला विकास खण्ड अंतर्गत कमल सिराईं व रामा सिराईं पट्टी  लाल चावल उत्पादन के लिए मशहूर है । 

नगदी फसलों के साथ लाल चावल की खेती यहां के किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है। लेकिन बेमौसमी बारिश ने किसानों की आजीविका संकट में डाल दी है। 

आजकल धान की कटाई चरम पर है किसानों ने धान काटकर खेतों में मडाई के लिए रखा है लेकिन अचानक आसमानी आफत ने किसानों की आशाओं और अपेक्षाओं पर पानी फेर दिया है। खेतों पर कटा धान बेमौसमी बारिश से भीग जाने से खराब हो गया है।

 स्वील गांव के किसान ज्ञानेंद्र लाल, कुलदीप चौहान, अर्जुन चौहान, अंकित चौहान, यशवीर चौहान ने कहा कि बेमौसमी बारिश ने खेतों पर कटी धान की फसल भीगने से नष्ट हो गई है। उन्होंने किसानों को  नष्ट हुई फसलों उचित मुआवजा दिलाये जाने की मांग की है।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts