गलत कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट से युवक का एसएसबी में भर्ती होने का सपना टुटा

रिपोर्ट- जगदम्बा कोठारी
ऋषिकेश।

 गलत कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के कारण ऋषिकेश से लगे श्यामपुर क्षेत्र के एक युवक को एसएसबी में भर्ती होने का अवसर गंवाना पड़ गया। 

गलत कोरोना रिपोर्ट आने से युवक का एसएसबी में भर्ती होने का सपना तो टूट ही गया|  साथ ही प्राइवेट कोरोना टेस्टिंग लैब की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे है।

मामला ऋषिकेश स्थित श्यामपुर क्षेत्र का है, जहां 21 वर्षीय सौरभ रतूड़ी पुत्र लखीराम रतूड़ी का एसएसबी परीक्षा का साक्षात्कार शनिवार 1 मई को इलाहाबाद में होना था। 

उनका टिकट शुक्रवार 30 मई को जौली ग्रांट एयरपोर्ट से सुबह 11:30 बजे का था। नियमानुसार उन्हें अपनी 72 घंटे पहले की आरटी पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी। जिसके लिए उन्होंने एम्स के नजदीक ‘कोर डायग्नोस्टिक्स’ नाम की निजी लैब में अपना कोरोना टेस्ट करवाया और उसी रात करीब 12:00 बजे लैब द्वारा उनके व्हाट्सएप पर एक पीडीएफ से उनके कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना दी गई।

लैब द्वारा रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना मिलने के बाद सौरभ रतूड़ी ने अपने आप को घर में ही आइसोलेट कर लिया। जबकि सौरभ की 30 अप्रैल को फ्लाइट भी बुक थी|  जो उन्हें कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद छोड़नी पड़ी।

 हालांकि सौरभ रतूड़ी को खुद में कोई कोरोना के लक्षण महसूस नहीं हो रहे थे। जिस कारण अगली सुबह उनके पिता उन्हें राजकीय चिकित्सालय में एंटीजन टेस्ट के लिए ले गए|  जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव निकली। 

इसके बाद उसी दिन सौरभ ने अपना आरटीपीसीआर टेस्ट दोबारा करवाया। जिसकी रिपोर्ट भी शुक्रवार 30 मई शाम सात बजे करीब नेगेटिव आई। लेकिन तब तक सौरभ की फ्लाइट निकल चुकी थी| और उनका साक्षात्कार के समय तक इलाहाबाद पहुंचना संभव नहीं था।

एक गलत कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने की वजह से एसएसबी की लिखित परीक्षा निकाल चुके सौरभ को इंटरव्यू में शामिल होने का सुनहरा मौका गंवाना पड़ा। जिसके बाद से सौरभ मानसिक तनाव से जूझ रहे है। ऐसे में निजी लैबों की आरटी पीसीआर रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल उठ खड़ा होता है। 

सौरभ के पिता व भूतपूर्व सैनिक लखीराम रतूड़ी ने सरकार से मांग की है कि इन निजी आरटी पीसीआर टेस्टिंग लैबों की तत्काल निगरानी की जाए|  जिस कारण उनके बेटे को इसका खामियाजा तो चुकाना पड़ा है लेकिन अन्य किसी के साथ ऐसा गलत ना हो| 

 इसके लिए सरकार को तत्काल इन लैबों की जांच करनी चाहिए और साथ ही उन्होंने मांग की है कि, सरकार बैराज स्थित ‘कोर डायग्नोस्टिक’ लैब पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई करे।

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