ये हैं असली कोरोना वारियर्स, इनके जज़्बे को सलाम

बागेश्वर से राजू परिहार 
एक तरफ जहां भारत में कोरोना वायरस को लेकर दहशत का माहौल है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो इस समस्या की घड़ी में पीड़ित लोगों की सेवा कर पूरी इमानदारी से अपना फर्ज निभा रहे हैं। डॉक्टर, नर्स और अस्पताल का स्टाफ अपना घर-परिवार छोड़कर कोरोना वायरस से निपटने में सरकार और लोगों की पूरी मदद कर रहे हैं, लेकिन आज हम एक सरकारी अधिकारी की बात करने जा रहे हैं।
केसी मिश्रा के बड़े भाई रमेश चंद्र मिश्रा की मृत्यु स्वास्थ्य ख़राबी के चलते आज से सात दिन पूर्व हो गया था। उन्होंने बताया कि वह लगातार जिले में आ रहे प्रवासियों की जानकारी अपडेट हेतु कोविड 19 में डाक्यूमेंटेशन में ड्यूटी दे रहे हैं। भाई के मौत की खबर मिलने के बाद भी वह अंतिम संस्कार में शामिल नही हो पाए। जिसका दुःख आजीवन बना रहेगा। तब से लगातार उनके द्वारा छुट्टी हेतु आवेदन किया गया है, जिस पर आज खबर लिखे जाने तक कोई संज्ञान नही लिया गया है। फिर भी वह सरकारी कर्मचारी होने के नाते अपने कार्य पर लगातार बने हुए हैं।

भाई की मौत के बाद भी लगातार कर रहें हैं ड्यूटी
दरअसल, केसी मिश्रा बागेश्वर जनपद में भूमि संरक्षण विभाग विभाग में ए ओ पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह अपनी ड्यूटी और फर्ज पूरी इमानदारी से निभा सकें, इसलिए उन्होंने बड़े भाई की मौत के बाद भी अपना आधिकारिक काम-काज संभाले रख। केसी मिश्रा के इस जज्बे को उनके ऑफिस के कर्मचारी और सोशल मीडिया पर लोग सलाम कर रहे हैं। इतना ही नहीं लोग उनकी कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा भी कर रहे हैं।

केसी मिश्रा कहते हैं कि बड़े भाई स्व. रमेश चंद्र मिश्र के निधन पर सरकारी नौकर कोविड 19 में डाक्युमेंटेशन में ड्यूटी के कारण उनके क्रियाकर्म में जाने की इजाजत नहीं मिली। कई बार जिला प्रशासन को प्राथना पत्र देने पर भी कोई विचार नहीं किया गया। आज सातवें दिन सरयू तट पर बाल विसर्जन के बाद कोविड 19 ड्यूटी पर हूं। हम न ही जनता हैं और न ही हमारा लोकतांत्रिक अधिकार और न ही फेंडामेंटल अधिकार (आर्टिकल 25, 26, 27, 28) क्योंकि हम सरकारी नौकर हैं। ये बात यहीं नहीं रुकेगी…!

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