नगर पंचायत भूमि पर अतिक्रमण की बाढ़

चमोली जिले के नगर पंचायत नन्दप्रयाग क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों की मौज आ गयी है। नगर क्षेत्र में सरकारी जमीन को कब्जाने की होड़ सी लग गयी है। यह सब नगर पंचायत प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन प्रशासन में बैठे अधिकारी सब जानते हुए भी मूक दर्शक बने बैठे हैं। कुछ दिनों पूर्व नगर पंचायत में बद्रीनाथ मार्ग पर निर्मित पानी की टँकी को कब्जाने का प्रयास एक जनप्रतिनिधि द्वारा किया गया, लेकिन जनता द्वारा जिलाधिकारी से शिकायत करने पर निर्माण कार्य रोका गया।हालांकि अभी पूरी तरह से कब्जा हटा नही है। अब वहीं कुछ नगर पंचायत क्षेत्र में झूलाबगड़ में स्थित भैरव मन्दिर, शिव मन्दिर तथा हनुमान मंदिर के निकट वन पंचायत राजस्व की सरकारी भूमि पर कब्जा करने लग गए हैं।

  अधिकतर लोगों ने वहां अपने कच्चे भवन निर्मित कर लिए हैं, पूर्व में इस सम्बंध में लोगों ने उपजिलाधिकारी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन कुछ नही हुआ। अब कुछ लोगों ने “सब कब्जा कर रहे हैं तो मैं क्यों पीछे छूटूं” की तर्ज पर सरकारी भूमि पर पूर्ण रूप से कब्जा करना शुरू कर दिया है। जबकि उससे 200 मीटर की दूरी पर नगर पंचायत का ऑफिस है, लेकिन अधिकारी आंख पर पट्टी बांधे हुए हैं। झूलाबगड़ क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उक्त कब्जाधारियों को जनप्रतिनिधियों की शह मिली हुई हैं। नगर पंचायत नन्दप्रयाग के कर्मचारियों द्वारा अवैध अतिक्रमण की सूचना पर दिखावे के लिए हल्की फुल्की कार्यवाही की गई, लेकिन अतिक्रमणकारियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वे फिर से अपना काम शुरू करने लग गए हैं। कुछ लोगों का कहना है नगर पंचायत की यह कार्यवाही सब दिखावा है, जिससे जनता का ध्यान बंट जाये। नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्षा के परिवार का तो कई वर्षो से वन पंचायत, राजस्व की भूमि पर कब्जा है, जिस पर शासन चालान काटने के बाद भी सरकारी भूमि को छुड़ा नही पाया है। कुछ लोगों का कहना है कि अतिक्रमणकारियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें शासन का भी डर नही है।

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