वीडियो: विस्फोटक हुआ बेरोजगारों का गुस्सा ! गिरफ्तार !

देहरादून में 5000 से अधिक युवा बेरोजगारों का गुस्सा आज सड़क पर सर चढ़कर बोला। सड़क पर उतरे हजारों बेरोजगारों ने परेड ग्राउंड से सचिवालय तक कूच किया।
बेरोजगार युवक बड़ी मात्रा में झंडे- डंडे और हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए चले जा रहे थे। फिलहाल इनको पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तार करके रेस कोर्स स्थित अभिरक्षा में रख दिया है।
उत्तराखंड के इन बेरोजगारों ने इससे पहले 11 तारीख को देहरादून में एक बैठक की थी जिसमें यह तय किया गया कि यदि लंबे समय से न्यायालयों में अटकी भर्तियां का कोई रास्ता न निकाला गया तो युवाओं का भविष्य अंधकार में हो जाएगा। इस निर्णय के बाद इन युवाओं ने एक WhatsApp ग्रुप बनाया और देखते ही देखते प्रदेश के हजारों बेरोजगार शिक्षित युवा इस से जुड़ गए आज आयोजित रैली भी उसी WhatsApp ग्रुप की रायशुमारी का परिणाम थी।

 इन युवाओं के चेहरों पर आक्रोश देखते ही बनता है। काफी लंबे समय से लगभग हर भर्ती प्रक्रिया या तो चयन के स्तर से ही विवादों में आ जाती है या फिर कोर्ट के आदेश से निरस्त हो जाती है। पिछले काफी समय से सरकार और सरकारी महकमे बेरोजगारों के हितों के प्रति संवेदनहीन रवैया अपना रहे हैं। यहां तक कि समान पद- समान काम और समान वेतन मान की परीक्षा के लिए भी अलग अलग क्वालिफिकेशन मांगी जाती हैं।
 अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भी कई बार शासन को इससे अवगत करा चुका है और एक समान नीति तय करने की बात कह चुका है लेकिन शासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। बेरोजगारों की मांग है कि समूह ग के पद जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी भरे जाएं। परीक्षा संपन्न कराने वाले संस्थानों की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए।
 बेरोजगार संघ तले निकाली जा रही इस रैली की प्रमुख मांग यह थी कि भर्ती की आयुसीमा 28 वर्ष से बढ़ाकर 42 वर्ष की जाए।
 बेरोजगारों का कहना था कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग समूह के दायरे से बाहर के पदों को छोड़कर अन्य परीक्षाओं में साक्षात्कार को खत्म किया जाए। साथ ही जो परीक्षाएं विवादों के कारण निरस्त हो चुकी हैं, उन्हें यथाशीघ्र दोबारा से आयोजित किया जाए।
 यह बेरोजगार संघ DAV छात्र संघ तथा अन्य महाविद्यालय  के छात्र नेताओं ने मिलकर बनाया है तथा इसमें सामाजिक रुप से विभिन्न जन आंदोलनों में सक्रिय रहे लोग भी शामिल हैं। बेरोजगार संघ में बाबी पंवार को अध्यक्ष बनाया गया है, तो विरेश इसमें उपाध्यक्ष हैं। उपाध्यक्ष PC पंत हैं तो कोषाध्यक्ष यशपाल बिष्ट को बनाया गया है प्रियंका वर्मा और हेमलता उपसचिव हैं तथा ललित नेगी नरेश और अरविंद को मीडिया प्रभारी का पद दिया गया है। राज्य आंदोलनकारी जयदीप सकलानी सहित  DAV के पूर्व महासचिव सचिन थपलियाल, सुनील रावत, देवेंद्र नेगी आदि संरक्षक और सलाहकार की भूमिका में हैं।
 इस रैली में हजारों की संख्या में बेरोजगार युवाओं की तादाद से सरकार के माथे पर बल आ गए हैं। जाहिर है कि जल्दी से जल्दी खाली पड़े पदों की पारदर्शिता से भर्ती प्रक्रिया और अन्य विसंगतियां दूर करके ही सरकार इस आक्रोश से निपट सकती है।वरना इस आंदोलन का नुकसान भी सरकार को उठाना पड़ सकता है।

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