सड़क नहीं तो वोट नहीं करेंगे द्वारीखाल ब्लॉक के ये ग्रामीण

पौड़ी जनपद के द्वारीखाल ब्लॉक के बागों, उतिण्डा व वरगडी ग्रामवासियों ने उनके गांव में आने वाली सड़क को कहीं अन्यत्र बनाए जाने पर कड़ा आक्रोश जताते हुए ‘सड़क नहीं तो वोट नहींÓ का ऐलान कर दिया है। इससे भाजपा का गढ़ माना जाने वाला क्षेत्र में भाजपा को सियासी नुकसान होने की संभावना है। […]

पौड़ी जनपद के द्वारीखाल ब्लॉक के बागों, उतिण्डा व वरगडी ग्रामवासियों ने उनके गांव में आने वाली सड़क को कहीं अन्यत्र बनाए जाने पर कड़ा आक्रोश जताते हुए ‘सड़क नहीं तो वोट नहींÓ का ऐलान कर दिया है। इससे भाजपा का गढ़ माना जाने वाला क्षेत्र में भाजपा को सियासी नुकसान होने की संभावना है। ग्रामवासियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सड़क निर्माण में हुई धांधली की शीघ्र जांच व दोषियों को कड़ी सजा देते हुए यदि उन्हें सड़क नहीं मिली तो वे आसन्न लोकसभा चुनाव का बायकाट करेंगे।
सड़क नहीं तो वोट नहीं की बात कहते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी पौड़ी को भी एक पत्र प्रेषित किया है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते उनके गांव में आने वाली सड़क निर्माण का समाधान नहीं किया गया तो चुनाव बहिष्कार को मजबूर हो जाएंगे।
दरअसल वर्ष २००६-०७ में यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की विधायक विजय बड़थ्वाल थी। तब तत्कालीन विधायक ने घ्वीडिय़ूखाल नैरुल मोटरमार्ग का शिलान्यास किया था, किंतु खेदजनक है कि घ्वीड्ृियूखाल मोटरमार्ग के नाम पर सड़क कटान का काम कहीं अन्यत्र वरगडी के मोला तोक से उतिण्डा नैरुल के लिए किया जा रहा है। इससे जिन गांवों में सड़क का सर्वे किया गया है, वे बड़े आक्रोशित हैं और अपने साथ छलावा महसूस कर रहे हैं।


उल्लेखनीय है कि वर्ष २००७ व २०१२ में भी क्षेत्रीय विधायक विजय बड़थ्वाल थी, लेकिन ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया। इसके बाद वर्ष २०१७ के विधानसभा चुनाव में यमकेश्वर से विजय बड़थ्वाल का टिकट काटकर ऋतु खंडूड़ी को दिया गया। जिसमें उनको विजय मिली। इस पर क्षेत्रवासियों की उम्मीदें नए विधायक और बढ़ गई और सड़क सुविधाओं से जूझ रहे लोगाों ने वर्तमान विधायक ऋतु खंडूड़ी को अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनसे भी कई बार शिकायत करने और घ्वीडि़्यूखाल में मौका मुआयना करवाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसे सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही ही कहा जाएगा कि आज तक मामले की जांच नहीं हो पाई है। करीब एक दशक बाद भी गांव में सड़क न आ पाने के कारण क्षेत्रवासी अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

बागों गांव के गो सेवक एवं गौशाला चलाने वाले सोहनलाल सेमवाल बताते हैं कि उनके गांव को सड़क संपर्क मार्ग से काटा गया है। यदि सर्वे के मुताबिक उनके गांव के पास वाली जगह पर सड़क निर्माण नहीं किया गया तो उनके गांव से सड़क काफी दूर हो जाएगी। इससे ग्रामवासियों के साथ घोर अन्याय किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि घ्वीडिय़ूखाल से गौशाला होते हुए मोलाखाल तक सड़क निर्माण की जाए, क्योंकि सर्वे इसी जगह का हुआ है। अब उनके साथ हुए खिलवाड़ को ग्रामीण और नहीं सहेंगे।

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