सिंचाई विभाग की लापरवाही से मरी महाशीर

रामनगर। कोसी बैराज में उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब बैराज से बाहर निकलकर सैकड़ों की तादाद में महाशीर मछलियां मृत पाई गई। मछलियों के मरने की वजह सिंचाई विभाग की लापरवाही बताई जा रही हैं। गुरुवार सुबह रामनगर के कोसी बैराज के पास मॉर्निंग वॉक करने पहुंचे कुछ लोगों ने चैनल […]

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रामनगर। कोसी बैराज में उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब बैराज से बाहर निकलकर सैकड़ों की तादाद में महाशीर मछलियां मृत पाई गई। मछलियों के मरने की वजह सिंचाई विभाग की लापरवाही बताई जा रही हैं।
गुरुवार सुबह रामनगर के कोसी बैराज के पास मॉर्निंग वॉक करने पहुंचे कुछ लोगों ने चैनल में जब सैकड़ों की संख्या में मरी हुई मछलियां देखी तो वो देखकर दंग रह गए। लोगों ने इसकी सूचना बैराज में तैनात सिंचाई विभाग के कर्मचारियों व वन विभाग को दी। जब तक विभागीय टीम मौके पर पहुंचती, उससे पहले ही लोग मछली पकडऩे पहुंच गए। मौके पर पहुंचे विभागीय कर्मचारियों ने बड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को काबू में किया।
जानकारी के मुताबिक सिंचाई विभाग को 2-3 इंच कोसी बैराज का गेट खोलने की अनुमति थी, लेकिन विभाग द्वारा गेट को ज्यादा खोल दिया गया। जिस कारण नदी में मौजूद महाशीर मछलियां बहकर बाहर आ गई।

डीएफओ का अनुरोध सिंचाई विभाग ने ठुकराया

महाशीर मछली के संरक्षण को लेकर लम्बे समय से योजना चलाई जा रही है। हाल ही में रामनगर के एक रिसोर्ट में महाशीर संरक्षण को लेकर एक कार्यशाला भी आयोजित की गई थी। जिसके बाद रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ नेहा वर्मा ने सिंचाई विभाग से कोसी बैराज का गेट न खोलने का अनुरोध किया था, लेकिन इस घटना ने सिंचाई विभाग की कार्यशैली की पोल खोल दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सिंचाई विभाग द्वारा वन विभाग को बैराज का गेट खोले जाने की कोई सूचना नहीं दी गई थी।

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