एक्सक्लूसिव वीडियो: बेलगाम नौकरशाही। विधानसभा उपाध्यक्ष के आगे ही सीएम सचिव ने काटा रिबन

कमल जगाती, नैनीताल

उत्तराखण्ड के विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने अल्मोड़ा के एक कार्यक्रम में मण्डल के प्रशासकों को अनर्गल बयानबाजी ना करने और अपने चोगे को उतारकर उनके साथ राजनीतिक करने का न्योता दिया है।

उन्होंने प्रशासकों को कहा है कि वो ऐसा नहीं करें क्यूंकि ये बातें बर्दाश्त करने योग्य नहीं हैं। प्रोटोकॉल तोड़ मुख्यमंत्री के सचिव ने फीता काट उद्घाटन किया।

देखिए वीडियो 

https://youtu.be/JYSw30fk-_U

दरअसल उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद अल्मोडा में दोबारा डायलासिस सुविधा की शुरूवात हो रही थी। कुमाऊ कमीश्नर राजीव रौतेला ने बेस अस्पताल पहुंचकर अस्पताल का निरीक्षण किया और डायलासिस सुविधा का उद्घाटन कर दिया। इस दौरान उनके बगल में फीता पकड़कर विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान भी खड़े थे। प्रोटोकॉल के अनुसार मुख्यमंत्री के सचिव से कहीं पहले विधानसभा उपाध्यक्ष आते हैं इसलिए उन्हें ही फीता काट उद्घाटन करना चाहिए था। अल्मोडा में शुरू हुई डायलिसिस की सुविधा पर जब विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान से मीडिया ने सवाल किया तो, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला, जिलाधिकारी नितिन भदौरिया, ए.डी.एम. के.एस. टोलिया, एस.डी.एम.विवेक राय, सी.एम.ओ.विनीता साह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी के सामने ही प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि “प्रशासक को बयानबाजी की जगह अपना काम करना चाहिए। अगर प्रशासक को राजनीति करनी है, तो चोला उतारकर उनके साथ खड़े होकर नेताओं के जैसे काम करने चाहिए । विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान का अपने ही प्रशासन पर ऐसा बयान देना बहुत सवाल खड़े कर गया।”

प्रोटोकॉल के अनुसार विधानसभा उपाध्यक्ष कैबिनेट रैंक के मंत्री के बराबर हैसियत रखते हैं जबकि मुख्यमंत्री के सचिव और कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला ने उनके सामने ही फीता काटकर डायलासिस सेण्टर का उद्घाटन कर दिया।

यूँ तो अल्मोडा में डायलिसिस की सुविधा शुरू होने से इसका लाभ अल्मोडा, बागेश्वर, पिथौरागढ व चम्पावत जिले के असंख्य लोगों को सीधे सीधे मिलेेगा और वो हल्द्वानी जाने से बच जाएंगे। लेकिन यहाँ तो टीस फीता काटने और प्रशासनिक अधिकारियों के उच्च न्यायालय का नाम लेकर डायलासिस सेण्टर का उद्घाटन करना थी। उन्होंने कहा कि ये सेण्टर तो पहले से बना है और इसे दोबारा शुरू किया गया है।

अब इन चारों जिले के मरीजों को डायलिसिस का लाभ अल्मोड़ा में मिल पाएगा। वहीं हाईकोर्ट के आदेश के पर  कुमाऊ कमिश्नर राजीव रौतेला ने कहा कि अल्मोड़ा में डायलिसिस की सुविधा मिलने से कुमाऊ के अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ व चम्पावत जिले के लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। कहा कि डायलिसिस के मरीजों को अब हल्द्वानी के भरोसे नही रहना पडेगा।
वहीं विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि अल्मोडा में डायलिसिस की शुरूवात हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई ये बात कहना बहुत ही गलत है। अल्मोडा में डाक्टर, एक्सपर्ट नही होने के कारण यहां पर डायलिसिस की सुविधा नही मिल पायी। सभी कार्य कोर्ट के आदेश पर किए जा रहे हैं, ऐसा बिल्कुल भी नही हैं। अनर्गल बयानबाजी करना बहुत ही गलत है। कहा कि अगर प्रशासक ये बात बोल रहा है तो गलत कहा है। प्रशासक को अपना काम करना चाहिए। अगर प्रशासक को राजनीति करनी है तो चोला उतार कर हमारे साथ आए और नेताओं के जैसे कपड़़े पहने फिर बात करे।

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