निर्माणाधीन तिलोथ  पुल पर लेटलतीफी को लेकर pwd के इंजीनियर के खिलाफ कार्यवाही

गिरीश गैरोला//

उत्तरकाशी मुख्यालय में निर्माणाधीन तिलोथ  पुल पर निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार से नाराज डीएम उत्तरकाशी डॉक्टर आशीष कुमार चौहान ने लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरो के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए हैं ।

वर्ष 2012 – 13 में की आपदा में ध्वस्त हुए तिलोथ पुल के आधे हिस्से में लगे अस्थायी  ब्रिज को हटाकर उस स्थान पर 42 मीटर स्पान का  स्टील गर्डर पुल का  निर्माण होना है ।इसके अलावा पुराने पुल के पाए की जैकेटिंग  का कार्य किया जाना है। पुल के दूसरे छोर पर 10 मीटर व्यास  की 12  मीटर गहरी वेल फाउंडेशन खोदी जानी है । पुल का निर्माण कार्य नवंबर 2017 में पूर्ण हो जाना था किन्तु  ठेकेदार की लेटलतीफी के चलते काम अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है , जिसके बाद ठेकेदार ने एक्सटेंशन के लिए आवेदन किया है किंतु निर्माण कार्य अभी भी  कछुए की गति से चल रहा है  । आने वाले यात्रा सीजन को देखते हुए डीएम ने मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया वहां पर कोई भी मजदूर काम करता हुआ नहीं दिखाई दिया । जिसके बाद कार्यवाही करते हुए डीएम ने डीएम ने लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता और अवर अभियंता के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं।

इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पुंडीर से पूछा पूछा गया कि आखिर काम बंद क्यों है , तो उनका जवाब चौंकाने वाला था ।अधिशासी अभियंता कहते हैं कि ठेकेदार का प्रतिनिधि बीमार है । इस वजह से काम नहीं चल रहा है ।अब यह समझ से परे है कि पुल में निर्माण कार्य ठेकेदार का प्रतिनिधि करता है या मजदूर।

गौरतलब है तिलोथ पुल  निर्माण की आड़ में भागीरथी नदी में JCB उतारकर दिनदहाड़े धड़ल्ले से खनन कार्य किया जा रहा था और रेत बजरी और पत्थर निकले जा रहे थे । मीडिया में खबर आने के बाद SDM ने खनन के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए थे। जेसीबी द्वारा खनन बंद हो जाने के बाद अब ठेकेदार ने काम रोक दिया है।

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