सचिवालय तबादलों में मनमानी, पनपा आक्रोश

सचिवालय ने हाल ही में हुई समीक्षा अधिकारी सेक्सन ऑफिसरों के स्थानांतरण नियमों को कुछ जगह पर तोड़ दिए जाने से अन्य कर्मचारियों ने काफी रोष है । सचिवालय संघ ने नियमों की विरुद्ध किए गए स्थानांतरण पर आपत्ति जताई है। सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी का कहना है कि एक बार स्थानांतरण के लिए नियम बना देने के बाद खुद ही उन नियमों को तोड़ने जाने से अन्य कर्मचारी भी उन्हें नियमों के अंतर्गत अपने लिए भी नियमों मे ढील दिए जाने की मांग कर रहे हैं। सचिवालय में अनुभाग अधिकारी तथा समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी आदि विभिन्न पदों के लिए स्थानांतरण का एक नियम बनाया गया है।
इसके अंतर्गत जिस अधिकारी का एक बार एक विभाग से स्थानांतरण हो गया उसे अगले 5 वर्ष तक उस विभाग की दोबारा जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती। दूसरा नियम है कि 3 वर्ष से अधिक कोई भी अधिकारी एक विभाग में नहीं रह सकता उसका अनिवार्य रुप से स्थानांतरण किया जाएगा।
दो दिन पहले सचिवालय में लोक निर्माण विभाग मे स्थानांतरण के समय सचिवालय प्रशासन ने अपने ही नियमों को अनदेखा कर दिया । जो अधिकारी लंबे समय से लोक निर्माण विभाग में बैठे रहे थे उन्हें 5 साल पूरा होने से पहले दोबारा से लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी दे दी गई है तथा जिन अधिकारियों को लोक निर्माण विभाग में मात्र कुछ ही महीने हुए थे उन्हें विभाग से चलता कर दिया गया।
उदाहरण के तौर पर वर्ष 2008 से 2015 तक नागेश नेगी नाम के अफसर समीक्षा अधिकारी और अनुभाग अधिकारी के तौर पर pwd विभाग में जमे रहे और हाल ही में हुए स्थानंतरण में दोबारा से लोक निर्माण विभाग के अनुभाग अधिकारी बना दिए गए हैं। इसी तरह से समीक्षा अधिकारी राकेश जोशी राज्य गठन से लेकर वर्ष 2013 तक PWD में ही जमे रहे।
वह कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर सहायक समीक्षा अधिकारी के पदों पर विभाग में तैनात रहे और अब उन्हें दोबारा से लोक निर्माण विभाग में ही समीक्षा अधिकारी बना दिया गया है। दूसरी तरफ अनुभाग अधिकारी सुधीर चौधरी को PWD का जिम्मा देखते हुए अभी बारह माह भी नहीं हुए थे कि उनका स्थानांतरण कर दिया गया है जबकि उनकी कहीं कोई शिकायत तक नहीं थी। सुधीर कुमार की डीपीसी हो चुकी है और वह 1 जुलाई को अनुसचिव बन जाएंगे।
बड़ा सवाल यह है कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि मात्र कुछ दिनों के लिए उनको हटाकर बाध्य प्रतीक्षा में डाल दिया गया तथा उनके स्थान पर नागेश नेगी को एकतरफा ज्वाइन भी करा लिया गया। गौरतलब है कि सचिवालय में लोक निर्माण विभाग को मलाईदार विभाग माना जाता है ऐसे में इस विभाग में ज्वाइनिग देने के लिए नियमों की अनदेखी सवाल खड़े करती है। सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी का कहना है कि उन्होंने सचिवालय प्रशासन के प्रमुख सचिव आनंदवर्धन से मिलकर स्थानांतरण में हुई मनमानी पर सवाल खड़े किए हैं और जल्दी ही इन में संशोधन ना होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है

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