एक्सक्लूसिव: संजय और संघ की पोल खोलने में गई विनय गोयल की कुर्सी!

भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री के यौन शोषण मामले में फंसने की आंच भारतीय जनता पार्टी देहरादून के महानगर अध्यक्ष विनय गोयल तक पहुंच चुकी है। महामंत्री संगठन जैसे महत्वपूर्ण पद, जो कि भारतीय जनता पार्टी में हाईकमान द्वारा प्रदेश में अपनी पसंद से भेजा जाता है, पर संजय की छुट्टी के बाद भी राजनीति गरम है। संजय कुमार तीन दिनों से देहरादून से गायब हैं और अब देहरादून में उनकी वापसी की संभावना सिर्फ मुकदमा दर्ज होने पर अपने बचाव में आने की ही मात्र बची हुई है।
इस बीच पीडि़त लड़की द्वारा महानगर अध्यक्ष विनय गोयल से बातचीत के वीडियो में विनय गोयल द्वारा संघ और संघ के प्रचारकों के बारे में जो गंभीर बातें कही गई हैं, उसके बाद विनय गोयल की शिकायत भाजपा हाईकमान तक पहुंच चुकी है। विनय गोयल उस वीडियो में अपने दल के नेताओं को न सिर्फ महिलाओं पर गिद्ध दृष्टि रखने वाले बता रहे हैं, बल्कि गोयल उनके दल मेें आने वाली महिलाओं के शारीरिक शोषण के लिए मैंटली प्रिपेयर होने की बात भी कह रहे हैं।
विनय गोयल उस पीडि़त महिला को यह कहते हुए देखे जा रहे हैं कि, – ”देखो पहले जब आप आई थी, मैंने कहा था राजनीति में हर आदमी महिलाओं को गिद्ध दृष्टि से देखता है। वो ये जानते हैं कि अगर ये महिला निकलकर आई है तो ये मैंटली प्रिपेयर होकर आई है। शोषण के बारे में विनय गोयल आगे बताते हैं कि मैं एक बात बताऊं आपको कि पहली बात तो ये दिमाग से निकाल दो कि संघ का प्रचारक है तो वो एक खुदा का बंदा हो जाएगा। मैं बता रहा हूं कि आपको कि ये एक शारीरिक नीड भी है। मतलब हमने ऐसे-ऐसे वर्णन देखे हैं, ऐसे-ऐसे किस्से हैं…।”
विनय गोयल द्वारा संघ के प्रचारक के लिए कही गई इन गंभीर बातों से संजय कुमार की कुर्सी तो जा ही चुकी है, किंतु गोयल ने जो गंभीर सवाल संघ पर खड़े किए हैं, उसके बाद संघ उन्हें महानगर अध्यक्ष जैसे पद पर नहीं रख सकता। चूंकि संघ की परंपरा के अनुसार संघ के लोग अविवाहित रहकर संगठन के लिए काम करते हैं और बाद में ऐसे ही लोग भारतीय जनता पार्टी की मेनस्ट्रीम राजनीति में रहते हैं। देश की राजनीति में संघ से निकले बड़े-बड़े चेहरों तक विनय गोयल द्वारा कही गई इन बातों का सीधा असर पड़ा है।
भारतीय जनता पार्टी और संघ का एक बड़ा धड़ा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करना चाहता। सूत्रों का मानना है कि यदि विनय गोयल को छोड़ दिया गया तो इसके दूरगामी दुष्परिणाम होंगे और कल तक राष्ट्रवाद से ओतप्रोत संघ की शाखाएं विनय गोयल द्वारा कही गई बातों की चपेट में आ जाएंगी।
विनय गोयल को महानगर अध्यक्ष पद से हटाने की अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है। हालांकि विनय गोयल के साथ भाजपा का एक धड़ा उसी तरह सक्रिय हो गया है, जिस प्रकार संजय को बचाने में लगा हुआ था। विनय गोयल के अध्यक्ष पद पर पूर्व महानगर अध्यक्ष पुनीत मित्तल अनिल गोयल और उमेश अग्रवाल की निगाहें फिर टिक गई हैं, जो मौके के इंतजार में हैं।

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