…और यहां सैकड़ों बच्चे हैं पर टीचर नहीं।

 अंधेर : यहां स्कूल ही नहीं खुला ,10 साल से तैयार बिल्डिंग
हरिद्वार। जयकिशन न्यूली
  आपने इससे पहले मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के स्कूल की रिपोर्ट पढ़ी होगी। इसमें हमने बताया था कि उस विद्यालय में दो टीचर और एक भोजन माता तैनात हैं लेकिन मात्र 1 बच्ची अध्ययनरत है।
यही हमारी शिक्षा व्यवस्था की विडंबना है कि जहां बच्चे हैं, वहां टीचर नहीं और जहां टीचर हैं वहां बच्चे नहीं। अब देखिए एक ऐसा स्कूल जहां बच्चे हैं पर टीचर नहीं।
टिहरी विस्थापित क्षेत्र नवोदय नगर रोशनाबाद हरिद्वार  पुनर्वास विभाग ने 2005 में स्कूल भवन बनाया था इसमें एक सामुदायिक केंद्र भी है। यह भवन इतना बड़ा है कि एक पूरा इंटर कॉलेज इस में संचालित हो सकता है।
यहाँ करीब पांच हजार की आबादी है, लेकिन कोई सरकारी स्कूल नहीं है। जिससे गरीबों के बच्चे शिक्षा से वंचित हैं।
 ग्रामीणों ने तीन माह पहले भी क्षेत्रीय विधायक आदेश चौहान से मुलाकात की एवं भवन में स्कूल संचालन की मांग की थी। विधायक  ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जी से  बात की और उन्होंने अगले दिन स्कूल भवन का निरीक्षण भी किया।
जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट 
 शिक्षा अधिकारी ने कहा था कि वह इसी सत्र से प्राथमिक विद्यालय का संचालन इस स्कूल भवन में कराएंगे। उन्होंने जिलाधिकारी हरिद्वार को 21 मार्च 2018 को विद्यालय की स्वीकृति के लिए पत्र भेजा था। जिला शिक्षा अधिकारी ब्रहम पाल सिंह सैनी ने भी इस बात को माना कि विस्थापित क्षेत्र नवोदय नगर में बहुत बड़ी संख्या में आबादी निवास कर रही है और उक्त कॉलोनी में कोई भी प्राथमिक विद्यालय संचालित नहीं है।
 ब्रहमपाल सैनी ने अपनी रिपोर्ट में माना कि विस्थापित क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को अध्ययन के लिए विद्यालय की आवश्यकता है। उक्त विद्यालय भवन में पठन पाठन हेतु विद्यालय का संचालन किया जा सकता है।
 जिला शिक्षा अधिकारी सैनी ने अपनी रिपोर्ट में इस बात की भी आवश्यकता जताई कि शिक्षकों की व्यवस्था निकटवर्ती विद्यालयों में मानक से अधिक कार्यरत अध्यापकों से की जा सकती है।
स्कूल है बहुत जरूरी
आज भी गरीब परिवारों के बच्चे टिहरी विस्थापित कलोनी (नवोदय नगर) रोशनाबाद में शिक्षा से वंचित हैं, क्योंकि यहां पर चार प्राइवेट स्कूल हैं,जिनकी भारी भरकम फीस है।
जबकि पुनर्वास नीति में स्कूल, सामुदायिक भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सर्वप्रथम प्राथमिकता मे था।
विस्थापित हुए 12 साल हो गये , लेकिन स्कूल भवन में स्कूल संचालन नहीं हो सका।
यह हाल तब है, जबकि टिहरी विस्थापित काॅलोनी (नवोदय नगर) रोशनाबाद जिला मुख्यालय से सटा हुआ क्षेत्र है। जिला शिक्षा अधिकारी ब्रहमपाल सैनी ने बताया कि यहां पर आवासीय विद्यालय खोले जाने की योजना है और इसी के अनुसार प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
 हालांकि जिलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत ने पर्वतजन से बातचीत में कहा कि इस सत्र से वहां हर हाल में स्कूल संचालित करा दिया जाएगा।
आप से हमारा अनुरोध है कि इस रिपोर्ट को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि क्षेत्र वासियों की यह समस्या हमारे हुक्मरानों के कानों तक भी पहुंचे और जो स्कूल 10 साल से नहीं खुल पाया वह अगले सत्र से आरंभ हो जाए। यही हमारी सार्थकता है।

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