खबर का असर : विभाग ने दर्ज कराया मुकदमा

कमल जगाती, नैनीताल 

पर्वतजन ने शीशम शागुन पेड़ों के अवैध कटान पर लिखी खबर। पाठकों की तीखी प्रतिक्रिया तथा शेयर  का असर, राजस्व विभाग ने दर्ज कराया मामला ।

देखिए वीडियो 

https://youtu.be/oba_PyaF3e0

उधम सिंह नगर जिले की किच्छा तहसील में सरकारी भूमि से दर्जनों शीशम और शागुन के पेड़ अवैध रूप से कटान का मामला पर्वतजन में प्रकाशित होते ही पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया । आनन फानन में इस क्षेत्र के वन संरक्षक पराग मधुकर धकाते ने प्रभागीय वनाधिकारी तराई वन प्रभाग को जांच सौंप दी और आरोप पाए जाने पर वन अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही करने के आदेश दिए ।
मामला सरकारी भूमि का होने के कारण राजस्व विभाग भी सक्रिय हो गया और उद्यम सिंह नगर जिले की किच्छा तहसील के ग्राम गौरिकला की खसरा संख्या 151 में अवैध रूप से पेड़ कटान के खीलाफ आज किच्छा तहसील के इंद्रपुर क्षेत्र के राजस्व उप निरीक्षक महेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज की । महेंद्र सिंह द्वारा लिखे गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि बीती 22 जुलाई की रात अज्ञात लोगों ने तीन शीशम के पेड़ काट लिए हैं । कुछ पेड़ मौके से गायब हैं । बचे हुए पेड़ों के 18 गिलटों को तहसीलदार आवास परिसर में संभालकर रख दिया गया है । पुलिस के प्रभारी निरीक्षक के नाम लिखे पत्र में कहा गया है कि उक्त पेड़ काटे जाने के खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही करें ।


बीती शाम उत्तराखण्ड के किच्छा तहसील स्थित सरकारी जमीन से बेशकीमती शीशम और शागुन के दर्जनों पेड़ कटे होने का सबूत हमारे कैमरे में कैद हुआ था । वन विभाग के उच्चाधिकारियों से बात की गई जिन्होंने कार्यवाही की बात कही थी । किच्छा की सरकारी भूमि में लगभग 50 लाख रुपये कीमत के शीशम और शागुन के वयस्क पेड़ कटे हुए दिखने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई । जनाकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से महज 15 किमी दूर स्थित खुर्पिया फार्म की सरकारी भूमि पर लगे दर्जनों पेडों पर लकड़ी तस्करों ने आरी चला दी । इस घटना की टैब तक किसी को भनक नहीं लगी थी । मीडिया में मामला आने के बाद पूरे क्षेत्र में हंगामा सा मच गया है । तस्करों की इस हरकत की वन विभाग, राजस्व विभाग और ना ही पुलिस को भनक नहीं लग सकी थी । इससे सरकार को लाखों रूपये के राजस्व का चूना लगने का अंदेशा था । बताया गया था की पिछले छह महीनों में तस्करों ने फार्म से लगभग साढे चार दर्जन सागौन और शीशम के पेडों पर आरी चलाकर जंगल को साफ कर दिया है । आलीशान फर्नीचर बनाने में काम आने वाली इस महंगी लकड़ी को काटकर अब ले जाने की तैयारी चल रही थी ।
ऐसे ही पिछले दिनों पौड़ी के यमकेश्वर में भी इसी तरह वन माफियाओं ने चंद पेड़ काटने की अनुमति के आधार पर 240 से अधिक पेड़ काट दिया थे । आज पेड़ कटान के मामले में अज्ञातों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है ।

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