डीजीपी रतूड़ी न आते तो बच जाते पैसिफिक माॅल के मैनेजर!!

फुटपाथ पर बनी पार्किंग तो सड़क पर आए राहगीर।एक्सीडेंट का खतरा और यातायात की बढी समस्या !

भूपेंद्र कुमार 

देहरादून में आलीशान होटल और शॉपिंग मॉल के प्रबंधकों ने सड़क के किनारों के फुटपाथ कब्जा कर उन्हें पार्किंग में बदल दिया है। इस पर पर शॉपिंग मॉल और होटल में आने जाने वाले लोगों की गाड़ियां खड़ी रहती हैं। जबकि यहां से गुजरने वाले लोगों को चलने के लिए फुटपाथ भी नसीब नहीं होता। मजबूरन उन्हें सड़क पर चलना पड़ता है। जहां एक ओर तेज रफ्तार से आने जाने वाली गाड़ियों से एक्सीडेंट का खतरा रहता है, वहीं इससे यातायात में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। पिछले दिनों ऐसी ही एक वाकये में पैसिफिक मॉल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस ने ही मुकदमा दर्ज करा दिया है।
 हुआ दरअसल यह कि राजपुर रोड पर पैसिफिक मॉल के बाहर बेतरतीब वाहनों के खड़े होने से ट्रैफिक के संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इसी बीच पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी को उधर से गुजरना था। वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सड़क खुली रखने की व्यवस्था करने के दौरान इलाके के चौकी प्रभारी उमेश कुमार ने शॉपिंग मॉल के बाहर खड़े वाहनों को हटवाने के लिए कहा। इस पर शॉपिंग मॉल के प्रबंधक  अपनी पहुंच का रौब चौकी प्रभारी उमेश कुमार पर झाड़ने लगे। इस पर चौकी प्रभारी ने पैसिफिक मॉल के निखिल भाटिया और रोहित मिश्रा पर सरकारी काम में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करा दिया।
 चौकी प्रभारी रूपेश कुमार का कहना है कि मॉल प्रबंधकों के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करके उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी गई है।
 सवाल यह है कि यह तो पुलिस महानिदेशक के भ्रमण के दौरान उत्पन्न हुई असहज स्थिति के कारण पुलिस को मुकदमा दर्ज करना पड़ गया। किंतु हकीकत यह है कि घंटाघर से लेकर जाखन और मसूरी डायवर्जन तक अधिकतर शॉपिंग मॉल और दुकानों ने सड़क के किनारों के फुटपाथ को ही पार्किंग में तब्दील कर दिया है। पैसिफिक शॉपिंग मॉल ने तो राजपुर रोड की आधी सड़क पर ही कब्जा करके बाकायदा अपने बैरीकेटिंग लगवा दिए थे। बाद में काफी मशक्कत के बाद ही पुलिस इन्हें हटा सकी।
 घंटाघर के पास स्थित पंजाब रेस्टोरेंट से लेकर गांधी पार्क तक दुकानदारों ने तो अपनी दुकानों के आगे 10 से 15 फुट तक सड़क कब्जा रखी हैं।
 इनके अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम को  कार्यवाही करने का तो मानवाधिकार आयोग ने भी आदेश दे रखा है। किंतु नगर निगम और पुलिस प्रशासन आंखें मूंदे बैठे हैं।
 पैसिफिक मॉल के बाहर तो फुटपाथ के ऊपर नो पार्किंग का भी बोर्ड लगा हुआ है और गाड़ी खड़ी करने पर ₹500 का जुर्माना लगाए जाने का नोटिस भी चस्पा है।
 किंतु उसी बोर्ड के नीचे हर समय दुपहिया और चौपहिया वाहन खड़े रहते हैं। इसी तरह से होटल फोर पॉइंट से लेकर तमाम आलीशान होटलों के बाहर भी पार्किंग किए जाने से ट्रैफिक संचालन में  बाधा उत्पन्न होती है किंतु ट्रैफिक और स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बन कर खड़ी रहती है। संभवत: पुलिस फिर किसी बखेड़े का इंतजार कर रही है।

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