दांतों की एकमात्र डाक्टर के भरोसे तीस हजार की आबादी की सेहत

नीरज उत्तराखंडी 
एक दांतों के डाक्टर भरोसे, 30 हजार आबादी की स्वास्थ्य का जिम्मा
—-जिला मुख्यालय से 187 किमी दूर है टिकोची 
    ऐलोपैथिक चिकित्सालय।
—-क्षेत्र की महिलाओं के प्रसव को जाना पडता है 15 किमी त्यूणी,35 किमी रोहडू व पुरोला 87 किमी दूर।
पुरोला:-–सीमांत जनपद उतरकाशी समेत सूबे के सुदूरवर्ती क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली का अंदाजा हिमांचल बाॅर्डर से सटे उतरकाशी जिला मुख्यालय 207 किमी दूर मोरी प्रखंड के आराकोट न्याय पंचायत कोठीगाड क्षेत्र के  टिकोची राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय से लगाया जा सकता है, जहां कोई  विशेषज्ञ डाक्टर तक न होने के चलते एक दंत चिकित्सक के भरोसे 23 गांव की 30 हजार आबादी की सेहत का जिम्मा है।
ताजुब तो तब है जब 15–35 किलोमीटर के दायरे में त्यूणी- रोहडू के अलावा चारों तरफ कोई चिकित्सालय व महिला चिकित्सक न होने का खामियाजा दूर दराज के ग्रामीणों को प्रसव जैसे संवेदनशील मामलों में भुगतना पड़ता है।
 हालांकि 10 कि.मी. आगे चिंवा में आयुर्वेदिक समेत 12 किमी दूरी आराकोट में एलोपैथिक चिकित्सालय है, किंतु महिला डाक्टर होने के बाद भी प्रसव जैसे मामले में लोगों को
त्यूणी-रोहडू का ही रूख करना पड़ता है।
टिकोची के
हरीश चौहान, राजेंद्र चौहान,नरेश व  राजेंद्र नोटियाल बताते हैं कि 23 गांव के बीच चार दशक पूर्व टिकोची में एलोपैथिक अस्पताल खोला गया किंतु  आज तक कोई एमबीबीएस डाक्टर नहीं आया। एक साल पहले दांतों की एक महिला डाक्टर के भरोसे ही अब 30 हजार आबादी की सेहत जिम्मा है।
सबसे बड़ी दिक्कत प्रसव के समय की है, जब क्षेत्र में न तो कोई महिला डाक्टर है न ही टिकोची अस्पताल में एबुलेंस, प्रसव के समय लोगों को आपातकाल में निजी वाहन से प्रसव पीड़ित को 15 किमी दूर त्यूणी अथवा 35 किमी हिमांचल के रोहडू,86 किमी दूर  सीएचसी  पुरोला ले जाना पड़ता है। बंगाण उत्कर्ष समिति ने बताया कि क्षेत्रीय जनता चार दशक से 23 गांव के एक मात्र टिकोची अस्पताल  के उच्चिकरण व  एमबीबीएस महिला डाक्टर नियुक्ति समेत एंबुलेंस व्यवस्था करनें की मांग करते आ रहे हैं। किंतु कोई कार्यवाही आजतक नहीं हुई।
क्या कहते हैं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी
        अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरसी आर्य ने बताया कि चिंवा आयुर्वेदिक अस्पताल में चार वर्ष से डाक्टर नहीं है,आराकोट एलोपैथिक चिकित्सालय में एक चिकित्सक है, जबकि टिकोची में एमबीबीएस की जगह दांत सर्जन नियुक्त है। क्षेत्र की विषमताओं को देखते हुए प्रसव व महिलाओं की गंभीर बीमारियों के उपचार को टिकोची,आराकोट व मोरी क्षेत्र में एक महिला चिकित्सक की नियुक्ति समेत एक एंबुलेंस की व्यवस्था होनी आवश्यक है।

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