पहले खाई मिट्टी, अब गुम है सिट्टी-पिट्टी

हल्द्वानी में सरकारी विभाग विभिन्न निर्माण कार्यों के दौरान खोदी जा रही मिट्टी को  बड़ी सफाई से ठिकाने लगा दे रहे हैं।
बड़े पैमाने पर  निकलने वाली इस मिट्टी को बेचे जाने से सरकार को राजस्व का फायदा मिल सकता है  लेकिन इस संबंध में  दिशा निर्देश स्पष्ट न होने से मलबे को भी हलवा समझ कर खूब गटका जा रहा है।  इसमें ठेकेदारों तथा सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत का भी अंदेशा है।
इस मामले में आज दिनांक नौ मार्च को समाजसेवी हेमंत गौनिया एवम् सामाजिक कार्यकर्त्ता कार्तिक उपाध्याय ने सिंचाई खंड हल्द्वानी के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा।
जिसमें कालाढूंगी रोड स्थित कपिलाज़ रेस्टोरेंट के पास हो रहे बरसाती नाले के निर्माण में खोदी गयी मिट्टी को अवैध तरीके से बेचे जाने के सम्बन्ध में शिकायत की गयी।
 समाजसेवियों ने उक्त स्थल का निरीक्षण किया। जिस पर खोदी गयी लाखों रूपये की मिट्टी मौके पर नही पायी गयी। यह मिट्टी कहां और किसने बेची ! और यदि एकत्र की गयी तो कहां की गयी ! यदि बेचीं गयी तो क्या वह पैसा सरकारी राजस्व को प्राप्त हुआ !
इसी जाँच की मांग को लेकर सिंचाई खंड हल्द्वानी अधिशाषी अभियंता को ज्ञापन दिया गया हैं।
यह मामला उप जिलाधिकारी हल्द्वानी, डीएम नैनीताल, कुमाऊं कमिश्नर, मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को भी मेल तथा WhatsApp के द्वारा भेजा जा चुका है।
बताया जा रहा है कि यह विभाग ऐसे ही काफी लंबे समय से मिट्टी की कालाबाजारी में लिप्त है।  कार्यकर्ताओं द्वारा यह मामला उठाए जाने से सरकारी विभाग और कार्यदाई संस्था के कर्ताधर्ता में खलबली मच गई है।

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