यौन उत्पीड़न पर बवाल : भाजपा संगठन मंत्री संजय की खाट खड़ी, बिस्तर गोल !

यौन उत्पीड़न के खुलासे के बाद भाजपा संगठन मंत्री संजय कुमार को हटा दिया गया है। किंतु अभी तक कोई भी कार्यवाही दर्ज नहीं की गई है। सवाल यह है कि क्या कार्यवाही तभी दर्ज होगी, जब पीड़िता पुलिस में रिपोर्ट लिखाएगी। जबकि पीड़िता का कहना है कि वह इसलिए पुलिस के पास नहीं गई […]

यौन उत्पीड़न के खुलासे के बाद भाजपा संगठन मंत्री संजय कुमार को हटा दिया गया है। किंतु अभी तक कोई भी कार्यवाही दर्ज नहीं की गई है। सवाल यह है कि क्या कार्यवाही तभी दर्ज होगी, जब पीड़िता पुलिस में रिपोर्ट लिखाएगी।

जबकि पीड़िता का कहना है कि वह इसलिए पुलिस के पास नहीं गई क्योंकि पिछली बार पुलिस ने मोबाइल छीनने के प्रकरण में भी उसकी कोई मदद नहीं की थी इसलिए उसे पुलिस पर भरोसा नहीं।

शनिवार को दिनभर उत्तराखंड में भाजपा और संघ में  माहौल गर्म रहा।

संघ और भाजपा के लिए गर्म दूध बना संजय

शनिवार को दिनभर भाजपा और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सर जोड़कर इसी बात पर मंथन करते रहे कि संजय कुमार को सेफ एग्जिट दिया जाए अथवा तत्काल कोई कार्यवाही की जाए।

दोनों ही कदमों की अपने अपने लाभ तथा हानि है।भाजपा को लगता है कि यदि तुरंत कोई कार्यवाही की गई तो कॉन्ग्रेस और भी अधिक हमलावर हो सकती है तथा वर्तमान में चल रहे निकाय चुनाव से लेकर आगामी छह महीनों बाद आम चुनाव में सरकार की छवि खराब हो सकती है। फिलहाल संजय कुमार को हटाकर मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया जा रहा है।

सरकार फिर से इस मामले को दबाने की कोशिश करने पर तुल गई है। यहां तक कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और अजय भट्ट ने इस पर बड़ा गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है।

अजय भट्ट का कहना है कि इस प्रकरण की कोई जानकारी नहीं है। जबकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि यदि पीड़िता उनके पास आएगी तो तब जाकर वह कुछ कार्यवाही करेंगे।

सवाल यह है कि युवती भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यरत थी और इसके मोबाइल नंबर सभी के पास उपलब्ध हैं, उसके बावजूद युवती की मदद करने की मंशा होती तो अब तक 6 महीने से युवती दर-दर की ठोकरें नहीं खा रही होती।

यहां तक कि भाजपा महानगर अध्यक्ष विनय गोयल के पास जब यह पीड़िता न्याय मांगने के लिए गई तो विनय गोयल ने दो टूक कह दिया कि प्रचारक संजय कुमार की भी शारीरिक जरूरतें होती हैं वह कोई भगवान नहीं है। गौरतलब है कि वह संजय कुमार के खिलाफ कार्यवाही के लिए महानगर अध्यक्ष विनय गोयल से मिली थी और उनसे गुहार लगाई थी कि उनके परिवार के लोग भी आरएसएस का हिस्सा हैं। लेकिन इसके बावजूद विनय गोयल ने उनकी कोई मदद नहीं की।

विनय गोयल एक तरह से यह स्वीकार कर रहे हैं कि संघ के प्रचारक तो ऐसा करते रहे हैं और यह कोई बड़ी बात नहीं है। विनय गोयल के बयान से भाजपा का चाल चरित्र और चेहरा और अधिक बेपर्दा हो जाता है। भाजपा के अंदर उठे तूफान के बाद अब कांग्रेस भाजपा पर उग्र हो गई है।

कांग्रेस के सूर्यकांत धस्माना तथा अनुग्रह नारायण सिंह ने कल भाजपा पर जमकर हमला बोला और भाजपा के चाल चरित्र और चेहरे को लेकर कांग्रेस जमकर हमलावर रही।वहीं भाजपा किसी तरह से इस मामले को दबाना चाहती है।

गौरतलब है कि पर्वतजन पहले भी संजय कुमार की रंगीन मिजाजी के किस्से पहले भी प्रकाशित कर चुका है। यदि भाजपा और संघ समय रहते तभी कार्यवाही कर लेते तो आज यह नौबत नहीं आती।

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