वीडियो : सचिवालय मे दलाल दबोचा ! सचिव ने छुड़ाया

 कुलदीप एस राणा
सचिवालय में पैसे लेकर नौकरी लगाने वाले युवक को  सचिवालय सुरक्षा दल के कर्मियों ने गिरफ्तार कर लिया, सचिवालय की सुरक्षा कर्मियों ने युवक को पकड़कर उससे सारा गुनाह कबूल करवाया और इससे पहले कि उसे आगे की कार्यवाही करने के लिए पुलिस में सौंपते, सचिवालय के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर युवक को छोड़ दिया गया।
पर्वतजन के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार संदीप कुमार ने सचिवालय में विभिन्न लोगों को लगाने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये वसूल किए हैं और इस लेन-देन में सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल है।
सिर्फ नियुक्तियां ही नहीं संदीप कुमार विभिन्न विभागीय अधिकारियों की भी ट्रांसफर पैसे लेकर करवाने के लिए अहम् मोहरा है।
देखिए वीडियो -1
इससे सचिवालय में नौकरी दिलाने के गोरखधंधे में और भी अधिकारियों के संलिप्त होने की आशंका गहरा गई है।
गौरतलब है कि कल 31 मई को पर्वतजन ने सचिवालय में नौकरी लगाने के नाम पर सक्रिय रैकेट की करतूतों का खुलासा किया था।
देखिए वीडियो-2
इसके चलते सचिवालय प्रशासन सहित सचिवालय सुरक्षा कर्मी और पुलिस महकमा भी काफी सक्रिय था।
 फर्जी नौकरी लगाने वाले युवक का नाम संदीप बिष्ट बताया जा रहा है। यह कोटद्वार का रहने वाला है।
 संदीप उत्तराखंड सचिवालय में उपनल के माध्यम से 10 वर्ष तक नियुक्त रहा।तथा वर्तमान में वह अपनी नौकरी छोड़ चुका था।
  पैसे लेकर नौकरी लगाने का झांसा देकर संदीप ने डोईवाला के 5 युवकों से 60-60 हजार रुपये नगद लिए।रुपये मिल जाने के बाद संदीप ने बड़ी ही चालाकी से शासन मे नियुक्त एक उच्च अधिकारी के नाम का उपयोग कर फर्जी हस्ताक्षर से किया हुआ नियुक्ति पत्र इन युवकों को पकड़ा दिया था।
 नियुक्ति पत्र मिल जाने के बाद जब ये नव युवक सचिवालय में जॉइनिंग के लिए आए तो यह सारा प्रकरण उजागर हुआ।
संदीप कुमार से सचिवालय सुरक्षा कर्मियों को पता चला कि उसके पास संयुक्त सचिव और उपसचिव तक के अधिकारियों के लेटर पैड थे। हालांकि उसमें सिग्नेचर फर्जी बताए जा रहे हैं।
कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मामला यदि आगे बढ़ता तो इसमें सचिवालय के उच्चाधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते थे ऐसे में इस मामले को रफा-दफा कर दिया गया।
 बहर हाल संदीप कुमार से एक पत्र में सचिवालय सुरक्षा दल ने उसका कबूल नामा लिखवा लिया है। मुख्य सुरक्षा अधिकारी जीवन सिंह बिष्ट ने बताया कि फिलहाल उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अभियुक्त को छोड़ दिया गया लेकिन आगे की कार्यवाही जारी रखी जाएगी।

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