सचिवालय तबादलों मे भारी गडबड़ी। चार दिन बाद भी चुप्पी ।

उद्यान और प्राथमिक शिक्षा में दो-दो अपर सचिव ! शासन से जारी आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची में बड़ी त्रुटियां

लगता है उत्तराखंड सरकार का कार्मिक विभाग अपने दायित्वों के प्रति सजग नहीं है। विभाग के कार्मिकों को मुख्यमंत्री की भी परवाह नहीं है। यदि होती तो आईएएस अधिकारियों की सूची में दो बड़ी गलतियां नहीं होतीं।

19 जुलाई को कार्मिक विभाग से जो तबादला सूची जारी की गई उसमें दो-दो अधिकारियों को सचिव उद्यान का दायित्‍व सौंप दिया  गया है। इसी तरह एक अधिकारी से अपर सचिव प्रारंभिक शिक्षा का चार्ज लिए बगैर दूसरे को भी यही जिम्मेदारी दे दी गई है।कार्मिक विभाग का यह कारनामा खासी चर्चाओं में है।
वीरवार को शासन ने 16 आईएएस समेत कुल 20 अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल किया। जिसमें आशीष जोशी को अपर सचिव उद्यान का प्रभार सौंपा गया जबकि सूची में इसी पद की जिम्मेदारी रमेश कुमार को भी दी गई है।

हैरानी की बात देखिये कि रवनीत चीमा को अपर सचिव प्रारंभिक शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई लेकिन अब तक ये दायित्व निभा रहे कैप्टन आलोक शेखर तिवारी से ये चार्ज नहीं हटाया गया है। इतना ही नहीं अपर सचिव प्रारंभिक शिक्षा के पास राज्य परियोजना निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान एवं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का प्रभार होता है, परन्तु सूची में इसका उल्लेख नहीं है। कार्मिक विभाग की सूची त्रुटिपूर्ण होने से कार्मिकों की काबिलियत पर सवाल खड़े हो गए हैं।

इन तबादलों के बाद 20जुलाई को चार पीसीएस के और तबादले किए गए किंतु यह समीक्षा नही की गई।

यहाँ गौर करने वाली बात है कि ये सूची सचिवालय के  पांच या छह अधिकारियों से पास होकर मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए पहुंचती है, जिनमें तीन आईएएस स्तर के अधिकारी होते हैं।

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