न सड़क, न हैली सुविधा। कुर्सी और कंधों के सहारे मरीज।

अनिल बिष्ट,पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ जिले के धारचूला तीजम गांव में बीमार पुरुष को ग्रामीण द्वारा पहले रास्ता खोला गया फिर अस्पताल तक लाया गया,
धारचूला तहसील के तीजम गांव में पिछले 1 महीना 10 दिन से सड़क के हालात जस के तस हैं,जो अब पैदल चलने लायक का भी नही रह गया, लोगों ने आज बड़ी मुश्किल से एक बीमार ब्यक्ति को 7 km पैदल कुर्सी की डोली में कंधे पर लाद कर अस्पताल तक पहुंचाया।

देखिए वीडियो 

https://youtu.be/-WqgHjDXC7k

इस गांव में पिछले एक महीने से अभी तक पैदल मार्ग तक नही खुले हैं, जिससे अब यहाँ के लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीणों का जीना भी मुश्किल हो गया हैं , शासन प्रशासन द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। अभी तक प्रशासन का कोई भी ब्यक्ति इस गांव में नही पहुँचा है ,अगर कोई रात को बीमार होता है तो अस्पताल लाना भी मुश्किल है,ग्रामीण ब्यक्ति केशर सिंह के अचानक पेट मे दर्द होने से तीजम से धारचुला अस्पताल में लाया गया ,वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन- प्रशासन द्वारा हेली सेवा की सुविधा भी नही दी जा रही है।

देखिए वीडियो 

https://youtu.be/lXmda6xEZX0

इस क्षेत्र में 18 गांव हैंं, जिसमे में 6 से 8 हजार की आबादी रहती है और आप देख सकते हैं एक बीमार ग्रामीण ब्यक्ति को ग्रामीण लोग किस तरह इन ऊबड़- खाबड़ जोखिम भरे रास्ते से कैसे अस्पताल को ले जा रहे हैं, वहीं मार्ग जहाँ पर खराब है, वहां पर मरीज की डोली हाथ मे पकड़ कर चल रहे हैं ग्रामीण। ज्यादा मार्ग खराब होने पर मरीज को पीठ पर लाद कर ले जाया जा रहा है।

वहीं आपदा अधिकारी का कहना है कि पिछले 48 घंटे के भीतर लगातार बारिश होने से नेशनल हाइवे स्टेट हाइवे तो खुले हैं , कुछ बॉडर सड़कें और ग्रामीण सड़कें बंद हाथ, जिसको खोलने का कार्य जारी है। “मौसम की वजह से कुछ बाधाएं आ रही हैं ,मौसम के सामान्य होते ही सभी सड़के खोल दी जाएंगी।”

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts