उत्तराखंड के चमोली जिले में नकली ज्वैलरी पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।
चमोली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हॉलमार्किंग मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
यह मामला तब सामने आया जब लवली रावत ने कोतवाली ज्योतिर्मठ में शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में उन्होंने अपनी नथ और झुमके ₹40,000 में ब्याज पर गिरवी रखे थे।
बाद में जब उन्होंने पैसे लौटाकर ज्वैलरी वापस ली, तो जांच में वह नकली निकली, जिस पर फर्जी हॉलमार्क लगाया गया था।
असली सोना बदलकर दिया नकली
जांच में सामने आया कि आरोपी ने असली सोने के आभूषण बदलकर नकली ज्वैलरी दे दी और उस पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर ग्राहक को धोखा दिया। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।पूछताछ में मुख्य आरोपी बंटी कुमार ने अपना जुर्म कबूल किया इसके बाद उसकी निशानदेही पर कर्णप्रयाग से दूसरे आरोपी पंकज कुमार प्रभु को गिरफ्तार किया गया, जो नकली हॉलमार्किंग का काम करता था।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- करीब ₹2.5 लाख की लेजर हॉलमार्क मशीन
- कंप्यूटर सिस्टम (CPU, मॉनिटर, केबल्स)
- नकली नथ और झुमके बरामद किए हैं।
बढ़ाई गई धाराएं
मामले में पहले दर्ज धाराओं के अलावा अब:
- BNS की धारा 318(4), 338
- भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 2016 की धारा 29 भी जोड़ी गई हैं।
BIS से जुड़े नेटवर्क की जांच
भारतीय मानक ब्यूरो के जरिए होने वाली हॉलमार्किंग प्रक्रिया की विश्वसनीयता को देखते हुए पुलिस अब जिले के सभी हॉलमार्क केंद्रों का सत्यापन करेगी।
साथ ही, मशीन और उपकरणों की खरीद के स्रोतों की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
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पुलिस टीम को मिला इनाम
इस सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को उच्च अधिकारियों ने सम्मानित किया है।
गढ़वाल रेंज के आईजी द्वारा टीम को ₹5,000 का इनाम देने की घोषणा की गई है।
चमोली में सामने आया यह फर्जी हॉलमार्किंग मामला न केवल आम लोगों के लिए चेतावनी है, बल्कि ज्वैलरी बाजार की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करता है।
ऐसे में सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क की सही जांच करना बेहद जरूरी है।
