रुद्रपुर में सियासी भूचाल: ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होते ही पूर्व मेयर मीना शर्मा ने छोड़ी कांग्रेस

महेश चंद्र पंत/रुद्रपुर 28 मार्च 2026 

उत्तराखंड की तराई की सियासत में बड़ा उलटफेर। भाजपा के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल आज दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हो गए।

कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने ठुकराल समेत नारायण पाल और अन्य नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई।

ठुकराल रुद्रपुर विधानसभा सीट से और पाल सितारगंज से चुनाव लड़ने की तैयारी में बताए जा रहे हैं।

लेकिन ठुकराल की एंट्री के तुरंत बाद रुद्रपुर कांग्रेस में तहलका मच गया। रुद्रपुर की पूर्व पालिका अध्यक्ष और कांग्रेस नेत्री मीना शर्मा ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।

मीना शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस्तीफा का ऐलान किया और कहा, “बहुत दुखित मन से मैं कांग्रेस के सभी पदों से त्यागपत्र दे रही हूं।”

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मीना शर्मा के इस्तीफे के पीछे के कारण

मीना शर्मा ने ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री का पुरजोर विरोध किया था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को ठुकराल के भाजपा विधायक काल के कथित विवादास्पद व्यवहार की बार-बार जानकारी दी थी, लेकिन पार्टी ने उनकी अपील को गंभीरता से नहीं लिया।

मीना शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा: ठुकराल ने रुद्रपुर शहर में सांप्रदायिक दंगे भड़काए। मुस्लिम समुदाय के खिलाफ जहर फैलाया, उन्हें गाली दी और उनका उत्पीड़न किया।
हिंदू-मुस्लिम विभाजन को बढ़ावा दिया। शहर का माहौल बिगाड़ने के लिए गौ-हत्या जैसे कृत्य किए। महिलाओं के प्रति अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया, उन्हें अपमानित किया। उन्होंने खुद को भी इसकी शिकार बताया।
ठुकराल ने उनके चरित्र की बदनामी की, जिसके चलते रुद्रपुर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ, जिसकी उन्होंने लड़ाई लड़ी।

मीना शर्मा ने कहा, “ये सभी बातें मैंने कांग्रेस की प्रांतीय प्रभारी कुमारी शैलजा, सह-प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, मनोज यादव, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा, प्रांतीय अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विपक्ष के नेता यशपाल आर्य, उप नेता भुवन कपड़ी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, करण मेहरा, ज्योति रौतेला और तिलक राज बेहर समेत कई बड़े नेताओं को लगातार बताईं। लेकिन किसी ने भी मेरी मदद नहीं की।”
उन्होंने पार्टी की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाया। कहा, “एक तरफ कांग्रेस पहाड़ की बेटी अंकिता भंडारी की लड़ाई जोर-शोर से लड़ रही है, वहीं अपनी ही वरिष्ठ नेत्री की अपील को अनसुना कर दिया गया।”

मीना शर्मा ने आगे कहा कि वे अब सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करती रहेंगी और अपने समर्थकों से बात करके भविष्य का फैसला लेंगी।

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ठुकराल का कांग्रेस जॉइन करने का बयान

राजकुमार ठुकराल ने पहले ही स्पष्ट किया था कि 2022 में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो उन्होंने पार्टी छोड़ दी और निर्दलीय चुनाव लड़ा।

उन्होंने कहा, “मैंने भाजपा को मजबूत बनाने के लिए सींचा, लेकिन नतीजा यह निकला कि मेरा टिकट कट गया।

अब मेरी दिली इच्छा है कि मैं कांग्रेस जॉइन करूं और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ूं।

कांग्रेस जॉइन करते ही मैं पार्टी के लिए समर्पित रहूंगा और हर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने का प्रयास करूंगा।”

सियासी प्रभाव

ठुकराल की एंट्री को कांग्रेस तराई क्षेत्र में चुनावी समीकरण साधने की रणनीति के तौर पर देख रही है।

लेकिन मीना शर्मा के इस्तीफे से रुद्रपुर कांग्रेस में अंदरूनी कलह साफ दिखाई दे रही है।

स्थानीय स्तर पर सियासी हलचल तेज हो गई है और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कयासबाजी शुरू हो चुकी है।

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