बड़ी खबर: जोहड़ी वन क्षेत्र में अतिक्रमण। विद्युत JE समेत दो पर केस दर्ज

मसूरी/देहरादून | मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत जोहड़ी जिला देहरादून में स्थित निजी भूमि पर बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्य पर वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया है। वन विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, संबंधित भूमि स्वामी द्वारा अपनी भूमि पर झाड़ी के […]

मसूरी/देहरादून | मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत जोहड़ी जिला देहरादून में स्थित निजी भूमि पर बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्य पर वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया है।

वन विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, संबंधित भूमि स्वामी द्वारा अपनी भूमि पर झाड़ी के कटान एवं चारदीवारी/तारबाड़ निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन किया गया था। इस पर राजस्व विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण भी किया गया।

निरीक्षण में क्या सामने आया?

संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जांच के दौरान पाया गया कि:

  • भूमि के आसपास घना वन क्षेत्र मौजूद है।
  • क्षेत्र में साल के पेड़ों के साथ अन्य वन प्रजातियां पाई गईं।
  • संबंधित भूमि संरक्षित वन क्षेत्र मालसी कंपार्टमेंट नंबर 1 की सीमा के अंदर आती है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया कि इस भूमि पर वन संरक्षण अधिनियम, 1980 लागू होता है, जिसके तहत बिना भारत सरकार की पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार का गैर-वन कार्य प्रतिबंधित है।

बिना अनुमति बिजली लाइन और निर्माण कार्य शुरू

दिनांक 03 अप्रैल 2026 को सूचना मिली कि:

  • उक्त भूमि पर बिना अनुमति बिजली विभाग द्वारा विद्युत लाइन बिछाई जा रही थी।
  • साथ ही संबंधित व्यक्ति द्वारा तारबाड़/फेंसिंग का कार्य भी कराया जा रहा था।

इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्य को रुकवा दिया।

कानूनी कार्रवाई शुरू

बिना अनुमति कार्य करने पर बिजली विभाग (राजपुर शाखा) के अवर अभियंता और अभिषेक वैश्य के खिलाफ Indian Forest Act 1927 और वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत केस दर्ज किया गया है।

साथ ही पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शासन और उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है, तथा क्षेत्रीय वन अधिकारी को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन

प्रेस नोट के अनुसार, संबंधित भूमि से जुड़े कुछ हिस्सों पर उच्च न्यायालय नैनीताल में रिट याचिका संख्या 1093/2022 विचाराधीन है जिसके चलते विभाग इस पूरे मामले को गंभीरता से मॉनिटर कर रहा है।

वन विभाग का सख्त संदेश

वन विभाग ने दोहराया है कि संरक्षित वन क्षेत्रों में बिना अनुमति कोई भी निर्माण या गतिविधि कानूनन अपराध है,ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Also Read This

बड़ी खबर : फिताड़ी में नहीं मोरी में लगेगी 25 लाख की अल्ट्रासाउंड मशीन

जिला योजना की सूची में फिताड़ी का नाम दर्ज होने से हुआ भ्रम, विधायक दुर्गेश लाल ने पत्रकार वार्ता में स्थिति की साफपुरोला,...

मिशन-2027 : कांग्रेस ने टटोली कार्यकर्ताओं की नब्ज,इस सीट पर पांच दावेदारों के नाम पर चर्चा

पुरोला/उत्तरकाशी, 20 अगस्त।नीरज उत्तराखंडी यमुना घाटी की पुरोला विधानसभा सीट पर मिशन-2027 को लेकर कांग्रेस संगठन ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। विधानसभा क्षेत्र...

Related Posts