रिपोर्ट: नीरज उत्तराखंडीबड़कोट/नौगांव/उत्तरकाशी, 13 अप्रैल 2026।
यमुना घाटी के बड़कोट और नौगांव क्षेत्र में रसोई गैस का गंभीर संकट गहराता जा रहा है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर के लिए रातभर कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, बावजूद इसके कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
रामलीला मैदान में रातभर जमी रही कतारें
बड़कोट नगर क्षेत्र में शनिवार को गैस मिलने की उम्मीद में बड़ी संख्या में उपभोक्ता रामलीला मैदान में एकत्र हुए। लोग रातभर लाइन में लगे रहे, लेकिन गैस आपूर्ति नहीं हो सकी। रविवार सुबह तक भी लंबी कतारें जारी रहीं।
रविवार को भारत गैस की एक गाड़ी तो पहुंची, लेकिन भारी भीड़ के कारण अधिकांश उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल पाया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस की मौजूदगी में गैस वितरण कराना पड़ा।
वहीं, इंडेन गैस की गाड़ी के न पहुंचने से लोगों में खासा आक्रोश देखने को मिला। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई दिनों से इंडेन गैस की आपूर्ति ठप पड़ी है, जिससे संकट और गहरा गया है।
होटल-ढाबों पर पड़ा असर, रोजी-रोटी पर संकट
गैस किल्लत का असर स्थानीय कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बड़कोट, जो यमुनोत्री धाम का प्रमुख पड़ाव है, वहां आधा दर्जन से अधिक होटल और ढाबे गैस न मिलने के कारण बंद हो चुके हैं। इससे कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
व्यापार मंडल के जिला महामंत्री सुरेंद्र सिंह रावत और नगर महामंत्री सोहन गैरोला सहित स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द गैस आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है।
नौगांव में अव्यवस्थाओं से उपभोक्ता परेशान
उधर नौगांव क्षेत्र में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। यहां गढ़वाल मंडल विकास निगम की यूनिट भारत गैस गोदाम में करीब 150 उपभोक्ताओं को आठ घंटे इंतजार के बाद भी गैस नहीं मिल सकी।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी द्वारा पहले गैस वितरण की सूचना देकर उन्हें लाइन में खड़ा किया गया, लेकिन बाद में गाड़ी न आने की बात कहकर उन्हें निराश कर दिया गया। इस दौरान कर्मचारी बिना स्पष्ट जानकारी दिए गोदाम बंद कर बड़कोट चले गए, जिससे लोग घंटों असमंजस में खड़े रहे।
नगर पंचायत सहित सुनारा, कोटियालगांव, मंजियाली, कंसोला, पलेठा और वगासु गांव के उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। लोगों का कहना है कि नौगांव में पिछले दस दिनों से गैस वितरण नहीं हुआ है और वे रोज गोदाम के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
लगातार बढ़ रही गैस किल्लत और अव्यवस्थाओं को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि गैस आपूर्ति को नियमित किया जाए और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी व व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।




