उत्तराखंड को मेडिकल में  200 सीटों का हुआ नुकसान

कुलदीप एस राणा सत्र 2018-19 के लिए सुभारती मेडिकल कालेज की मान्यता हुई रद्द । जॉलीग्रांट मेडिकल कालेज पर भी एमसीआई सख्त, कम की 50 सीटें   मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने सत्र 2018-19 के लिए सुभारती मेडिकल कालेज को मान्यता रद्द कर दी। साथ ही  हिमालियन मेडिकल कालेज जॉलीग्रांट की सीटों में भी 50 सीट […]

कुलदीप एस राणा
सत्र 2018-19 के लिए सुभारती मेडिकल कालेज की मान्यता हुई रद्द ।
जॉलीग्रांट मेडिकल कालेज पर भी एमसीआई सख्त, कम की 50 सीटें 
 मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने सत्र 2018-19 के लिए सुभारती मेडिकल कालेज को मान्यता रद्द कर दी। साथ ही  हिमालियन मेडिकल कालेज जॉलीग्रांट की सीटों में भी 50 सीट की कटौती करते हुए नए सत्र के लिए मात्र 100 सीटों की ही मान्यता दी गयी है ,जिससे नए सत्र में  200 सीटों का भारी नुकसान  हुआ है ।
पिछले सत्र में  राज्य के तीन राजकीय व तीन निजि मेडिकल कालेज को मिलाकर कुल 800 सीटें प्राप्त हुई  थी,  जोअब घट कर मात्र 600 रह गयी हैं ।
कुछ समय पूर्व ही नए सत्र की मान्यता को लेकर  एमसीआई द्वारा सूबे के तमाम मेडिकल कालेजों का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान सुभारती मेडिकल कालेज के असहयोगात्मक रवैए व नए सत्र को लेकर कालेज में व्याप्त भारी अव्यवस्थाओं एवम मानकों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते नए सत्र के लिए मान्यता देने से हाथ खड़े कर दिए। वहीं जॉलीग्रांट मेडिकल कालेज की अव्यवस्थाओं पर सख्ती दिखाते हुए 50 सीटों की कटौती कर मात्र 100  सीटों पर  दाखिले प्रदान करने की अनुमति दी।
दूसरी तरफ नीट द्वारा सोमवार को वर्ष 2018 के इंट्रेंस टेस्ट रिजल्ट भी जारी कर दिया कर दिये गये , जिसमें  पिछले सत्र की तुलना में इस बार मेरिट कुछ अंक नीचे लुढ़क गयी।  नीट रिजल्ट के लो मेरिट जाने के पीछे परीक्षा में फिजिक्स के कठिन सवाल पूछा जाना माना जा रहा है।
 2017-18 के सत्र में जहां कट ऑफ स्कोर जनरल कैटगरी में  अधिकतम 697 – न्यूनतम 131   व  एससी,एसटी व् ओबीसी  कैटगरी के लिए अधिकतम130- न्यूनतम 107 अंक थे । वहीँ नए सत्र 2018-19 में यह कट ऑफ स्कोर  जनरल कैटगरी में अधिकतम 691-न्यूनतम119 अंक है, जबकि एससी,एसटी व् ओबीसी  कैटगरी के लिए कट ऑफ स्कोर अधिकतम 118 – न्यूनतम-96 अंक रखा गया है ।
सूबे में मेडिकल के सीटों के कम होने और नीट की मेरिट के नीचे लुढ़कने से उपजे हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का लगता है कि जिन जनरल कैंडिडेट्स के 500 से अधिक अंक होंगे, उन्हें राजकीय में व जिनके 450 से अधिक जिनके 450 से अधिक अंक होंगे, उन्हें निजि मेडिकल कालेजों में दाखिला मिलेगा। वहीं एसटी व एससी कैटगरी  में  300 से अधिक अंक पाने वाले कैंडिडेट्स  राजकीय में व 200 से अधिक अंक पाने वाले कैंडिडेट्स निजी मेडिकल कालेज में दाखिला पा सकेंगे। OBC कैंडिडेट्स में राजकीय के लिए यह कट ऑफ 475 व निजी के लिए 400 अंक तक हो सकता  है।
 25 जून से राज्य में शुरू होने वाली काउंसलिंग मे अब एमबीबीएस की 600 सीटों के अलावा बीडीएस की  200 सीटें ही भरी जा सकेंगी ।
राजकीय मेडिकल कालेज में सीटों की वर्तमान स्थिति
कुल सीटें -350
राजकीय दून मेडिकल कालेज -150
राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर-100
राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी-100
निजी मेडिकल कालेज में सीटों की स्थिति
कुल सीटें 250
जॉलीग्रांट मेडिकल कालेज -100
(पिछले सत्र में 150)
एसजीआरआर मेडिकल कालेज-150
सुभारती मेडिकल कालेज -मान्यता नही 
बीडीएस हेतु कुल सीटें-  200
सीमा  डेंटल कालेज, ऋषिकेश- 100
उत्तरांचल डेंटल कालेज, देहरादून-100

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