ब्रेकिंग: टूल या व्हिसल ब्लोअर, समाचार प्लस पर एफआइआर लिखाने वाला !

समाचार प्लस के मालिक उमेश कुमार के खिलाफ एफआइआर लिखाकर उसे जेल भिजवाने वाले आयुष गौड़ की प्रेस कांफ्रेंस मे एक सवाल पर बोलती बंद हो गई। और साफ लगा कि उनसे एफआइआर लिखवाई गई है। उनसे एफआइआर या तो पुलिस प्रशासन ने लिखवाई है या कोई और व्यक्ति इसके पीछे है। गौड़ एक तरह […]

समाचार प्लस के मालिक उमेश कुमार के खिलाफ एफआइआर लिखाकर उसे जेल भिजवाने वाले आयुष गौड़ की प्रेस कांफ्रेंस मे एक सवाल पर बोलती बंद हो गई। और साफ लगा कि उनसे एफआइआर लिखवाई गई है। उनसे एफआइआर या तो पुलिस प्रशासन ने लिखवाई है या कोई और व्यक्ति इसके पीछे है। गौड़ एक तरह से पुलिस के अघोषित सरकारी गवाह की तरह प्रेस को संबोधित कर रहे थे।

एफआइआर मे नामजद राहुल भाटिया के विषय में आयुष कौर ने कहा कि वह राहुल भाटिया कहां रहता है और कौन है, इसके विषय में नहीं जानता। किंतु जब पर्वतजन ने गौड़ से प्रतिप्रश्न किया और पूछा कि यदि वह राहुल भाटिया को नहीं जानते हैं तो फिर उन्होंने एफ आई आर में राहुल भाटिया का पता पनाश वैली कैसे लिख दिया !

इस पर गौड़ की बोलती बंद हो गई। दोबारा कुरेदने पर गौड़ ने कहा कि वह “नहीं जानते उसमें निवास स्थान कैसे लिख दिया गया।”

जब पर्वतजन ने उससे एक और सवाल पूछा और कहा कि यदि वह राहुल भाटिया का निवास स्थान नहीं जानते तो फिर उनका निवास स्थान एफ आई आर में किसने लिखवाया ! इस पर दोबारा से आयुष गौड़ लंबी चुप्पी साध गए।

 

जब उनसे फिर से पूछा गया कि यदि एफ आई आर में निवास स्थान उन्होंने खुद नहीं लिखा है तो फिर क्या वह किसी के टूल के रूप में काम कर रहे हैं ! इस पर आयुष गॉड ने इनकार करते हुए स्पष्टीकरण पर “नो कमेंट” कह दिया।

आयुष ने आज चाहे जिस भी मकसद से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया हो, लेकिन इससे यह बात तो साफ हो गई है कि गौड़ भले ही अपने आप को व्हिसल ब्लोअर बतला रहे हो लेकिन उनकी बातें एक सरकारी गवाह के तौर पर अथवा एक मोहरे की तरह प्रतीत हो रही थी।

उमेश 8 नवम्बर तक हिरासत मे

गौरतलब है कि उमेश कुमार को 8 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। आज पुलिस ने उमेश शर्मा को एडिशनल चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट,  रिंकी साहनी की कोर्ट में पेश किया था। हालांकि पुलिस उसे अपनी रिमांड पर लेना चाहती थी। संभवतः कल कोर्ट पुलिस की रिमांड की अर्जी स्वीकार कर सकती है। यदि जमानत नही होती तो उमेश आठ तक जेल मे रह सकता है।

यह है मामला

पर्वतजन के पाठकों को पता ही है कि उमेश कुमार के खिलाफ उनके ही कर्मचारी आयुष ने और नेताओं के स्टिंग ऑपरेशन करके ब्लैक मेलिंग करने का आरोप लगाते हुई एफ आई आर दर्ज कराई थी। जिसमें उसने शर्मा के खिलाफ मुख्यमंत्री सहित मुख्य सचिव और ओमप्रकाश जैसे अफसरों का स्टिंग करने और ब्लैकमेल करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया था।

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