सुपर एक्सक्लूसिव : यौन उत्पीड़न प्रकरण में विनय गोयल के अलावा 6 भाजपा  नेताओं पर तलवार ! दबाव की राजनीति में उतरे मोहरे भी पिटे

भाजपा के प्रांत संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के साथ ही अब भाजपा महानगर अध्यक्ष विनय गोयल के अलावा पवन थापा सहित प्रदेश महिला मोर्चा की  बबीता सहोत्रा, आनंद, तारा देवी, चंद्री देवी सहित 2 दर्जन से अधिक भाजपा नेताओं पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जल्दी ही इस प्रकरण में प्रदेश महिला मोर्चा की एक बड़ी नेता गंभीर लपेटे में आ सकती है।

उपरोक्त सभी नाम तो पीड़िता ने अपनी तहरीर में ही लिखे हुए हैं। बड़ा सवाल यह है कि 10 नवंबर की इस तहरीर में नाम होने के बावजूद आज तक पुलिस ने इनसे पूछताछ क्यों नहीं की !

इस पूरे प्रकरण में पीड़िता ने प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से लेकर विनय गोयल और श्याम जाजू आदि से भी शिकायत की थी। लेकिन उन सभी ने मामले को रफा-दफा करने में दिलचस्पी दिखाई।

अब मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस इन सब से भी पूछताछ कर सकती है।

उल्टा पड़ा सौदेबाजी का दांव

इस बीच इस मामले में विनय गोयल को बचाने के लिए भाजपा संगठन सक्रिय हो गया है। युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष श्याम पंत ने भी पीड़िता को दबाव में लेने की कोशिश की और इसकी खुफिया रिकार्डिंग कराई किंतु जब पीड़िता दबाव में नहीं आई तो उसने इस मामले को विवादित करने के लिए यह वीडियो रिकॉर्डिंग ही वायरल करा दी।

पर्वतजन के सूत्रों के अनुसार जिस दिन महिला ने इसकी शिकायत विनय गोयल से की थी, उसी दिन शाम को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में यह मामला चर्चा के लिए रखा गया था और इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी बड़े नेता शामिल थे तो फिर भाजपा आखिर किस आधार पर कह रही है कि उसे इस प्रकरण की कोई जानकारी नहीं थी !!

दूसरा सवाल यह है कि जब भाजपा कह रही है कि कानून अपना काम करेगा तो फिर श्याम पंत सरीखे के नेता क्यों युवती पर दबाव बनाने के लिए उतारे गए थे।

जाहिर है कि भाजपा अपने ऊपर लगने वाले दागों से बचने के लिए अब दूसरे के चरित्र पर भी दाग लगाने वाली पर उतर आई है।

अहम् सवाल

गौरतलब है कि श्याम पंत ने पीड़िता पर दबाव बनाया और कहा कि संजय कुमार को पार्टी से बाहर कर दिया गया है इसलिए आप बाकी नेताओं के नाम पुलिस को मत बताना। हालांकि पीड़िता ने पर्वतजन को बताया कि उसे पहले से ही अंदेशा था कि उसके साथ कोई साजिश की जा सकती है और इसीलिए उसने भी ऐतिहायत के तौर पर इस मुलाकात की ऑडियो रिकॉर्डिंग कर ली थी। इससे श्याम पंत का दांव उल्टा पड़ गया। सवाल यह है कि आखिर श्याम पंत किस को बचाना चाहता है और उसने इस मुलाकात की गुपचुप ढंग से वीडियो रिकॉर्डिंग क्यों कराई ! और अगर रिकार्डिंग कर भी ली थी तो वायरल किस उद्देश्य से की !

बदला जांच अधिकारी 

इस बीच मुकदमा दर्ज होने के बाद इस प्रकरण में विवेचना अधिकारी बदल दिया गया है। सरिता डोभाल को हटाकर अब इसका जिम्मा महिला हेल्पलाइन की प्रभारी ज्योति चौहान को सौंपा गया है। एसएससी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि यह मामला हाईप्रोफाइल है, इसलिए किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव से बचने तथा गंभीरता से जांच के लिए विवेचना अधिकारी बदला गया है।

यह है मूल तहरीर

सेवा में,
एस एस पी ,देहरादून।
विषय:संजय कुमार(पूर्व संगठन महामंत्री,भाजपा) द्वारा शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न।
महोदया,
प्रार्थिनी आपके संज्ञान में लाना चाहती है कि:
1) आजीवन सहयोग निधि के चेक्स की डेटा एंट्री के दौरान मैं संजय कुमार के सम्पर्क में आई।
संजय कुमार ने मुझसे बहुत ही असभ्य व अश्लील किस्म की बातें व हरकतें की जिसकी सूचना मैने पार्टी के बड़े पदाधिकारियों से की किन्तु इन सभी ने मुझे ही डांटना शुरू कर दिया कि इतने बड़े पदाधिकारी प्रचारक पर आरोप लगाने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?उसने तुम्हारे साथ ऐसा किया है इस का तुम्हारे पास क्या सबूत है?
विवश हो कर मैने संजय कुमार की टेलीफोन कॉल्स रिकॉर्ड करनी शुरू की। फिर पार्टी पदाधिकारियों से मिलकर उन्हें प्रमाण दिखाए किन्तु दुर्भाग्यवश उन लोगों ने संजय कुमार को ये सारी बातें बता दी।
2) दिनांक ४/१०/२०१८ को पार्टी की ही एक महिला पदाधिकारी तृप्ति उनियाल थापा ने मुझे अपने घर बुलाया।जहां उस के पति पवन थापा ने मुझसे कहा कि एक कॉल करनी है आप मुझे अपना फ़ोन दे दो।मैने कहा कि आप के पास तो दो दो फ़ोन हैं तो फिर मेरा फ़ोन क्यों चाहिये? इस पर उसने कहा कि एक फ़ोन में बैटरी नही है और दूसरे फ़ोन में बैलेंस नही है।अतः मैने कॉल करने के लिए उसे अपना फ़ोन दे दिया।पवन थापा मेरा फ़ोन ले कर कमरे से बाहर चला गया।इसी बीच वहाँ भाजपा की ही बबिता सहोत्रा आनंद,तारा देवी, चन्द्री देवी आदि आ गईं।बैठक का विषय करवाचौथ जानकर मुझे अजीब लगा क्योंकि मैं तो अविवाहित हूँ।कुछ समय तक वहाँ बैठने पर भी मुझे समझ नही आया कि उस बैठक में मेरी क्या भूमिका थी?
खैर,बैठक की समाप्ति के पश्चात जब मैंने पवन थापा से अपना फ़ोन वापिस मांगा तो उस ने कहा कौन सा फ़ोन?
इस वृतांत की सूचनादिनांक ४/१०/२०१८ को ही मैने धारा चौकी में भी लिखित में दी थी।किन्तु वहां पर उन्होंने सिर्फ मोबाइल की ही सूचना रिसीव की और उस में भी अभी तक भी कुछ नही हुआ।
3) इस बीच मैं अपनी पीड़ा से पार्टी पदाधिकारियों को अवगत कराते हुए उनसे मदद की गुहार लगाती रही लेकिन मुझे जान से मारने व रातों रात गायब करा देने की धमकियां दी गई।
महोदया, आपसे करबद्ध विनती है कि संजय कुमार एक आपराधिक प्रवृत्ति वाला प्रभावशाली व्यक्ति है और उससे मेरे जानोमाल के खतरे को देखते हुए मेरे जानोमाल को सुरक्षा प्रदान की जाये।
प्रार्थिनी का यह भी निवेदन है कि मामले की एफ.आइ. आर दर्ज कर दोषी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए और प्रार्थिनी के साथ न्याय किया जाये।
धन्यवाद।
दिनांक १०/११/२०१८

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts