सर बड़ियार क्षेत्र के लोग बल्लियों के सहारे नदी पार करने को मजबूर, एक की मौत

नीरज उत्तराखंडी
उत्तरकाशी। सरकारी तंत्र की लापरवाही से एक व्यक्ति की बडियार नदी में गिरकर डूबने से मौत हो गई है। कई सालों से पुल की मांग कर रहे क्षेत्रवासियों को पुल के अभाव में अपनी जान गंवानी पड़ रही हैं। उपजिलाधिकारी पुरोला से प्राप्त जानकारी के अनुसार कल देर सायं भरत राम पुत्र नन्द राम निवासी ग्राम किमडार घर आते वक्त किमडार, बडियार नदी को पार करते समय नदी में बह गया। बाद में उसकी लाश नदी किनारे पाई गई। सूचना मिलते ही राजस्व निरीक्षक को सहयोगियों के साथ घटनास्थल के लिये रवाना कर दिया गया है। विदित रहे कि उत्तरकाशी जनपद के पुरोला तहसील क्षेत्रान्तर्गत बडियार में अभी तक सड़क मार्ग भी नहीं है। यहां के लोग 18 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी गुजर बसर कर रहे।

उत्तरकाशी जनपद के विकास खण्ड पुरोला के सीमांत  सर बड़ियार क्षेत्र के  लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में  बल्लियों के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। आज़ादी के 71 साल पूरे होने के बाद भी क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांव मूलभूत सुविधाओं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क व संचार  से वंचित हैं।

उत्तरकाशी जिले की पुरोला तहसील का  सरबड़ियार क्षेत्र  में स्थित आठ गांव  के बाशिन्दे आजादी  के बाद से आज तक  मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांवों के लिए आज तक न कोई सड़क बनी और न गांव को जोड़ने वाला पुल। लेकिन  किसी भी जनप्रतिनिधि व अधिकारी ने इनकी ओर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। पुल न होने से ग्रामीण नदी पार करने के लिए अस्थायी तौर पर पुल का निर्माण करते हैं। जो बरसात के दौरान नदी के तेज बहाव के कारण बह जाता हैं। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को बल्लियों का सहारा लेकर ही नदी को पार करना पड़ता हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों की समस्या बढ़ जाती हैं। हर रोज़ ग्रामीण व  स्कूली बच्चों को गांव से   स्कूल  जर्जर संपर्क मार्ग से आना पड़ता हैं। इस मार्ग से लगातार पत्थर गिरने के भय के साथ ही लगभग सात किलोमीटर का अतिरिक्त सफ़र तय करना पड़ता हैं। जंगल से सटे होने के कारण जंगली जानवरों का भी भय बना रहता हैं। स्थानीय निवासी बताते हैं की अनेक बार नदी पार करते हुए बच्चों व वृद्ध महिलाओं के साथ दुर्घटना हो चुकी हैं। जिसमें से कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी हैं। फिर भी शासन प्रशासन  ने इसकी सुध लेना जरूरी नहीं समझा।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts