कोटद्वार के बहुचर्चित ‘एडवोकेट रघुवंशी हत्याकांड’ का खुलासा

पौड़ी जनपद के बहुचर्चित ‘एडवोकेट सुशील रघुवंशी हत्याकांड’ का खुलासा आज एस.आई.टी द्वारा कोटद्वार कोतवाली में कर दिया गया। हालांकि यह खुलासा अभी आधा अधूरा है और हत्याकांड के खुलासे के लिए लंबे समय से आंदोलनरत लोगों का कहना है कि यह खुलासा भी पुलिस ने आधा अधूरा ही किया है ताकि यह केस कहीं सीबीआई को ट्रांसफर ना हो जाए

मनोज नौडियाल

लगभग दो वर्ष पूर्व बीईएल रोड कोटद्वार निवासी एडवोकेट सुशील रघुवंशी सुबह अपने घर से कोर्ट के लिए निकल रहे थे कि तभी मोटरसाईकिल पर सवार दो युवकों ने उनपर गोली चला दी थी जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गये थे। घायल अवस्था मे उन्हें अस्पताल लाया गया और हालत गंभीर देखते हुए उन्हें हायर सेंटर भेज दिया गया। जहां रास्ते मे ही उनकी मृत्यु हो गयी थी। हत्या किए जाने के सम्बंध में मृतक के परिजनों द्वारा कोटद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
देखिए वीडियो 

https://youtu.be/Z-rR_NZr060

पुलिस ने इस केस की विवेचना में एससी/एसटी की जमीनों की बिक्री पर लगाई गई आपत्तियों के कारण हत्या होने पर प्रकाश डाला है। पुलिस ने बताया कि हत्या का षड्यंत्र जेल में बंद शातिर अपराधी रूपेश त्यागी द्वारा किया गया। और इसके लिए पूर्व में हुए चर्चित सुमित पटवाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी के माध्यम से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल व मोटरसाईकिल मंगाई गई, और हत्या को अंजाम देने के लिए दो शूटरों को दो बार पहले भी कोटद्वार बुलवाया था पर इस बीच एडवोकेट सुशील रघुवंशी बाहर होने के कारण शूटर उनकी हत्या करने में असफल रहे। कई दिन बाद जब हत्यारों का खुलासा नही हुआ तो कई सामाजिक संगठनों द्वारा तहसील में हत्याकांड के खुलासे में एसआईटी जांच कराने को लेकर धरना दिया, जिसके बाद इस केस में एसआईटी जांच कराई गई।
   एसआईटी सदस्यों के निर्देशन में कोटद्वार कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी व उनकी टीम द्वारा दोनों शूटरों की गिरफ्तारी के लिए मुखबिरों की सूचना पर दबिश दी गईं लेकिन शूटर गिरफ्तार न हो सके। जिसके बाद इनकी गिरफ्तारी के लिए दो टीमें तैय्यार की गई साथ ही सबूतों के आधार पर विनोद कुमार गर्ग उर्फ विनोद लाला, सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी, सर्वश्वर उर्फ डब्बू को हत्याकांड में हाथ होने को लेकर गिरफ्तार किया गया।
इन तीनो के द्वारा जेल में बंद शूटर रूपेश त्यागी के माध्यम से दो शूटर बुलवाकर हत्या करवाई गई थी। पुलिस के अनुसार बाकी जानकारी लेने के लिए जेल में बंद शूटर को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जा रहा है। पुलिस के अनुसार हत्याकांड में मोटरसाइकिल व पिस्टल उपलब्ध कराने वाले, लाने वाले, व शूटरों की रेकी करने वालो के खिलाफ धारा 302/120 के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। अभी तक शूटरों का नाम सामने नही आया है, शूटरों की गिरफ्तारी, हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद करने के साथ हत्याकांड में जुड़े अन्य अभियुक्तों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts