क्वारन्टाइन प्रवासियों को जंगल मे छोड़ा,सोता रहा प्रशासन

लापरवाह प्रशासन : नशेड़ी ड्राइवर ने क्वारन्टाइन प्रवासियों को छोड़ा जंगल,सोता रहा प्रशासन

इंद्रजीत असवाल

कोटद्वार।कोविड-19 के इस महामारी के दौर में क्वारन्टाइन प्रवासियों पर प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ती जा रही है,जिम्मेदार प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहा है।
जनपद पौड़ी के कोटद्वार में क्वारन्टाइन सेन्टर डिग्री कॉलेज कोटद्वार से प्रवासियों को लेकर बस संख्या UA04 C 4967 कोटद्वार से वीरोंखाल के लिये चली थी,रास्ते में बस ड्राइवर द्वारा शराब के नशे में टल्ली होकर सिसल्डी के पास बीच सड़क में खड़ी कर दी गई, वही 6 बज़े से बस वहीं पर खड़ी रही।

इसकी सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता व शिक्षक इन प्रवासियों की मदद के लिये आगे आये, उपजिलाधिकारी लैंसडौन अपर्णा ढौण्डियाल को सामाजिक कार्यकर्ता सन्तूदास द्वारा फोन पर सूचना दी गई,वहां से आश्वासन मिला कि एक घण्टे के अन्दर उनके लिये दूसरी बस का इन्तजाम हो जायेगा लेकिन रात 11 बज़े तक वे 17 लोग जंगल में फंसे हुए रहे,इन प्रवासियों के साथ महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे, क्षेत्र में बिजली गुल और तेज आँधी तूफान बारिश के बावजूद पजैगाँव निवासी जनसेवा मंच के कार्यकर्ता आशीष भी 11 बज़े तक उन लोगों के साथ बने रहे। इसके बाद सन्तूदास और प्रशासन द्वारा डेरियाखाल के किसी होटल में रात को इन प्रवासियों के ठहरने की व्यवस्था की गई।आज ये प्रवासी अपने गृहक्षेत्र वीरोंखाल के लिये रवाना होंगे।प्रवासियों ने उपजिलाधिकारी, सन्तूदास और आशीष को हार्दिक धन्यवाद दिया !

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