एडमिशन देकर किताबें देना भूल गया ओपन बोर्ड और परीक्षायें सिर पर

रिपोर्ट-जगदम्बा कोठारी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने 2020-21 शिक्षा सत्र की पुस्तकें परीक्षार्थियों को अभी तक उपलब्ध नहीं कराई है। जबकि 3 माह बाद जून महीने में इन परीक्षार्थियों की परीक्षा होनी है लेकिन संस्थान ने अभी तक पुस्तकें नहीं भेजी है। ऐसे में परीक्षार्थी असमंजस में हैं कि परीक्षा कैसे दी जाएगी। […]

रिपोर्ट-जगदम्बा कोठारी

राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने 2020-21 शिक्षा सत्र की पुस्तकें परीक्षार्थियों को अभी तक उपलब्ध नहीं कराई है। जबकि 3 माह बाद जून महीने में इन परीक्षार्थियों की परीक्षा होनी है लेकिन संस्थान ने अभी तक पुस्तकें नहीं भेजी है। ऐसे में परीक्षार्थी असमंजस में हैं कि परीक्षा कैसे दी जाएगी। वर्तमान में प्रदेश के 5000 से ज्यादा छात्र-छात्राओं को संस्थान में प्रवेश दिया है। संस्थान की लापरवाही के चलते परीक्षार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। 

दसवीं और बारहवीं कक्षा में नियमित विद्यालय नहीं जा पाने वाले, या कामगार अभ्यर्थियों को अथवा अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ चुके छात्र-छात्राओं को स्कूली शिक्षा पूरी करने का एक अवसर देने के लिए स्थापित राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान की स्थापना की गई है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के माध्यम से एनआईओएस संचालित होता है और यह संस्थान परीक्षार्थियों को पाठ्यक्रम पुस्तकें डाक के माध्यम से भेजता है और अब जबकि जून में परीक्षाएं होनी है मगर पुस्तक नहीं भेजी गई है।

ऐसे में दसवीं और बारहवीं के हजारों परीक्षार्थी अपने संस्थान के चक्कर लगाने पर मजबूर है।

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