अफसोस : मौत के आंकड़े छुपाने पर मिला नोटिस तो अफसर बोले अस्पताल मे कोरोना मरीज आएंगे तो मरेंगे ही

देहरादून: हरिद्वार के बाबा बर्फानी अस्पताल को 65 कोरोना मरीजों की मौत के मामले को छिपाने के आरोप में नोटिस जारी किया गया हैं। साथ ही हरिद्वार के सीएमओ एसके झा से भी जवाब मांगा गया हैं।स्वास्थ्य महानिदेशक तृप्ति बहुगुणा ने मामले की जांच के बाद सख्त कार्रवाई करने की बात कही हैं। कोरोना के […]

देहरादून:
हरिद्वार के बाबा बर्फानी अस्पताल को 65 कोरोना मरीजों की मौत के मामले को छिपाने के आरोप में नोटिस जारी किया गया हैं। साथ ही हरिद्वार के सीएमओ एसके झा से भी जवाब मांगा गया हैं।स्वास्थ्य महानिदेशक तृप्ति बहुगुणा ने मामले की जांच के बाद सख्त कार्रवाई करने की बात कही हैं।

कोरोना के बढ़ते मामलों से प्रदेश में त्राहि-त्राहि मची हुई है,हर तरफ लोगों के मरने की खबरें आ रही हैं।

कोरोना मरीजों की मौत के मामले को छिपाने का एक मामला सामने आया जिसके बाद यहां सवाल ये उठता हैं कि, क्या जो हम प्रदेश में कोरोना से हुई मौतों के आकड़े देख रहे हैं वो सही हैं?

हरिद्वार के बाबा बर्फानी अस्पताल पर 65 मौतों की जानकारी छिपाने का आरोप लगा था।इस मामले में कार्यवाही करते हुए सीएमओ हरिद्वार और बाबा बर्फानी अस्पताल के सीएमएस को नोटिस जारी किया गया हैं।

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना की स्थिति की मॉनिटरिंग करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।फिर भी अस्पताल मौत के आंकड़ों को छुपा रहे हैं ।

अस्पताल प्रबंधन कोरोना के आकड़ो की जानकारी 24 घंटों के भीतर राज्य कोविड कंट्रोल रूम में देनी होती है।लेकिन बाबा बर्फानी हॉस्पिटल ने  25 अप्रैल से 12 मई तक उपचार के दौरान हुई 65 कोरोना के मरीजों की मौत की जानकारी कंट्रोल रूम को नहीं दी।

कंट्रोल रूम के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर डॉक्टर अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि, लगातार अस्पताल प्रबंधन को जानकारियां अपडेट कर देने के लिए कहा जा रहा था। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन की तरफ से कर्मचारियों की कमी और दूसरे बहाने बताकर जानकारियां नहीं दी जा रही थीं।इसके बाद जब कंट्रोल रूम की तरफ से सख्ती की गई तब जाकर अस्पताल में 65 मरीजों की मौत की जानकारी बताई। ये जानकारी 14 मई को सामने आई सकी।

अस्पताल प्रबंधन को सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर आपदा महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी गई हैं।

 बाबा बर्फानी हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी केके सिंह ने कहा कि, अस्पताल को लेकर सनसनी फैलाई जा रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बेहद जटिल फॉर्मेट में जानकारियां मांगी जा रही हैं। जबकि उनकी तरफ से सीएमओ को सभी जानकारियां हर दिन दी जा रही हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के हर अधिकारी को इसको लेकर अवगत कराया जा रहा हैं । इसके बावजूद गलत जानकारी के साथ सनसनी अस्पताल के नाम पर फैलाई जा रही हैं ।

केके सिंह ने यहां तक कहा कि, कोरोना के मरीज अस्पताल में आएंगे तो मरेंगे ही!

नोडल अधिकारी इसका पूरा जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग को ही ठहराया हैं ।

स्वास्थ्य महानिदेशक तृप्ति बहुगुणा ने कहा कि, इस मामले में उनकी तरफ से जांच बैठाई जा रही है । रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई भी की जाएगी । जांच में सीएमओ की भूमिका और अस्पताल प्रबंधन की स्थिति की जांच होगी ।

Also Read This

बड़ी खबर : पहाड़ से मैदान तक भारी बारिश,इन जिलों में आज भी अलर्ट 

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के चलते पहाड़ से मैदान तक बारिश का दौर लगातार जारी है। घने बादलों और रुक-रुककर हो रही...

आखिरी मौका: देहरादून में 1.59 लाख गैस उपभोक्ताओं की E-KYC लंबित । बंद हो जाएगी गैस आपूर्ति 

देहरादून।  अगस्त 2026, नीरज उत्तराखंडी  जनपद देहरादून में घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शनों की E-KYC प्रक्रिया तेजी से चल रही है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित 15...

Related Posts