लोकसभा चुनाव 2024 : विधायक उमेश कुमार ने हरिद्वार से किया नामांकन। धुंआधार प्रचार मे मारी बाजी

लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड के हरिद्वार की सीट पर चुनाव दिलचस्प होता नजर आ रहा है। जहां बीजेपी ने एक और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को मैदान में उतारा है तो वहीं कांग्रेस इस सीट पर अपने प्रत्याशी के लिए मंथन कर रही है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री हरीश […]

लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड के हरिद्वार की सीट पर चुनाव दिलचस्प होता नजर आ रहा है।

जहां बीजेपी ने एक और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को मैदान में उतारा है तो वहीं कांग्रेस इस सीट पर अपने प्रत्याशी के लिए मंथन कर रही है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत या उनके बेटे को टिकट दे सकती है।

वहीं दूसरी ओर आज निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट भवन पहुंचकर हरिद्वार सीट से नामांकन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक जुटे। 

उमेश कुमार ने पिछले काफी लंबे समय से अपना धुआंधार चुनाव प्रचार जारी रखा हुआ है।

 पहले प्रयास लगाए जा रहे थे कि वह भाजपा से टिकट पाने की फिराक में हैं, लेकिन जैसे ही इन कयासों पर विराम लगा, कांग्रेस प्रभारी शैलजा से उनकी मुलाकात की चर्चाएं शुरू हो गई और फिर उनको कांग्रेस से चुनाव लड़ाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई।

 किंतु जहां कांग्रेस ने इस सीट पर अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं वही इससे अलग एक तरफ उमेश कुमार ने धुआंधार चुनाव प्रचार जारी रखा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ आज निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन भी कर दिया है। आलीशान गाड़ियों की काफिले के साथ ट्रैक्टर चला कर जाने की बात हो अथवा अपने हम शकल मुखोटे वाले कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर निकलता सैलाब, उमेश कुमार ने चुनाव प्रचार में समा बांध रखा है।

भाजपा अभी 2022 का विधानसभा चुनाव भूली नहीं होगी,जिसमें उमेश कुमार ने भाजपा के गढ़ में खानपुर सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था और भारी मतों से जीत दर्ज की थी। 

नामांकन के बाद उमेश कुमार ने कहा कि यह हरिद्वार के मान सम्मान की लड़ाई है।यहां के बेरोजगारों को सुरक्षित करने की लड़ाई है। हरिद्वार के हर ब्लॉक और मुख्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। हर विभाग में घूसखोरी हो रही है। किसानों की दुर्गती हो रही है। सभी सरकारें हमें गुलाम बनाना चाहती हैं।

उन्होंने  कहा कि ‘सबसे पहले उन प्रवासी पक्षियों को खदेड़ना है जो यहां आते हैं, दाना चुगते हैं वो फिर वापस दिल्ली चले जाते हैं, पांच साल यहां दिखते नहीं है।’ कहा कि हरीश रावत, त्रिवेंद्र सिंह रावत और रमेश पोखरियाल निशंक, सभी प्रवासी हैं।

कहा कि बीजेपी को अपना 10 साल का सांसद जीता हुआ क्यों बदलना पड़ा ? क्या कारण रहे कुछ तो कारण रहे होंगे बदलने के। 

अगर कांग्रेस भी हरिद्वार सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को टिकट देती है। तब उत्तराखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्री और एक वर्तमान विधायक में चुनावी भिड़ंत देखना दिलचस्प होगा।

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