मरम्मत की बाट ताकता जर्जर झूला पुल । आवाजाही हुई जोखिमपूर्ण।

नीरज उत्तराखंडी

मोरी ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 500 मीटर की दूरी पर कठाणू तापड़ में टौंस नदी में बना झूला पुल मरम्मत की राह ताक रहा है। पुल पर बने खड्ढे भले ही टीन से ढक दिये गये हो लेकिन आवाजाही जोखिमपूर्ण बनी हुई है।

बतातें चलें कि टौंस नदी पर बना यह पुल मोरी ब्लॉक मुख्यालय से कठाणू तप्पड़ से देई गांव, बैनोल, केवल, सालरा, सामी गांव को मुख्य मोटर मार्ग तथा ब्लाक मुख्यालय से जोड़ता है और ग्रामीणों की आवाजाही का मुख्य साधन है।

ग्रामणों का कहना है कि पुल के ऊपर बडे बडे छेद हो गये है, जिसे टीन और मिट्टी से ढका गया है। बरसात के कारण मिट्टी धुलने से टीन दिखाई दे रही है। जिसे पुल के उपर से गुजरना राहगीरों और पशुओं तथा ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा हो गया है।यदि समय से पुल की मरम्मत नहीं की गई तो यहां कभी बी बड़ा हादसा हो सकता है ।

ग्राम देई सालरा निवासी अध्यक्ष पर्वतीय जनसेवा संगठन  उमेन्द्र आस्टा का कहना है कि आजकल सेव सीजन शुरू होने से पुल के ऊपर से सेब से लदी खच्चरे गुजारना जोखिमपूर्ण हो गया है।उन्होंने पुल के शीघ्र मरम्मत किये जाने की मांग की है।

इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता धीरेन्द्र कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। पुल का प्राक्कलन बना दिया गया शीघ्र टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर होने के बाद मरम्मत का काम शुरू किया जायेगा।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts