देहरादून, 25 अगस्त।नीरज उत्तराखंडी
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में देहरादून जिले में मिलावटी और दूषित खाद्य सामग्री के खिलाफ जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर मंगलवार को देहरादून, विकासनगर और मसूरी क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों, डेयरी और मिठाई की दुकानों पर सघन निरीक्षण एवं छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के 21 नमूने जांच के लिए संकलित किए गए।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा और एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में चकराता रोड और घंटाघर क्षेत्र में कार्रवाई की गई। टीम ने बीकानेरवाला से मावा, रबड़ी, केसर पेड़ा और मक्खन, हल्दीराम से सफेद रसगुल्ला, स्वीट लस्सी और प्लेन बर्फी तथा कुमार स्वीट शॉप से काजू बर्फी और कलाकंद के कुल नौ नमूने लिए।
विकासनगर में 9 नमूने लिए
विकासनगर में एसडीएम विनोद कुमार के नेतृत्व में डेयरी एवं मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने संदेह के आधार पर खुले पनीर और मावा के दो-दो नमूने, बेसन बर्फी और मिल्क केक के दो-दो नमूने तथा कलाकंद के दो नमूने लिए। यहां कुल नौ खाद्य नमूने जांच के लिए संकलित किए गए।
मसूरी में तीन नमूने, बासी लड्डू नष्ट
मसूरी क्षेत्र में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव के नेतृत्व में कार्रवाई के दौरान चाय, खुले बेसन और पनीर के तीन नमूने लिए गए। वहीं विकासनगर क्षेत्र में एक दुकान पर करीब तीन किलोग्राम बासी और अत्यधिक रंगयुक्त लड्डू पाए गए, जिन्हें टीम ने मौके पर ही नष्ट करा दिया।
कार्रवाई में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, तहसीलदार विकासनगर विवेक रजौरी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मसूरी कपिल देव समेत संबंधित अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
जिला प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने की हिदायत दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जिले में आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट अथवा गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


