आर्थिक बदहाली व स्वास्थ्य अव्यवस्था की भेंट चढ़ी एक और प्रसूता

पुरोला।

रिपोर्ट / नीरज उत्तराखंडी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला डॉक्टर न होने व स्वास्थ्य अव्यस्थाओ नें मंगलवार को एक और प्रसूता समेत जुड़वा नवजात शिशुओं को जान गंवानी पड़ी।प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव के चलते हायर सैंटर रैफर करनें व रास्तें में प्रसुता की मौत का बीते तीन दिन में यह दूसरा मामला है।

मंगलवार को भी बसंतनगर की 32 वर्षिय प्रसूता नीतू देवी की नवजात शिशुओं सहित मृत्यु से क्षेत्र में शोक की लहर छा गयी है।

सोमवार देर रात को पुरोला के बसन्त नगर की 32 वर्षीय नीतू देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्रसूता नें दो जुड़वा मृत नवजात शिशुओं को जन्म दिया।

प्रसूता की असहनीय पीड़ा,हालत बिगडनें पर चिकित्सकों ने रात को ही महिला को हायर सैंटर रैफर कर दिया ।वहीं कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते व्यवस्था जुटानें को परिजन प्रसूता को घर बसंतनगर ले गये, जहां घर के रास्तें में प्रसूता ने दम तोड़ दिया।

प्रसूता के पति ओमप्रकाश ने बताया कि, महिला का दून अस्पताल में उपचार चल रहा था ।25 जुलाई को प्रसूता को देहरादून अस्पताल से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था किंतु आर्थिक स्थिति के कारण परिजन महिला को घर ले आये।

वहीं घर पँहुचते ही रात को महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को लगभग 6 बजे सांय बरफियालाल जुवांठा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया। जहां चिकित्सकों ने मृत दो जुड़वा बच्चों को किसी तरह बहार निकाला व परिजनों को प्रसूता को तत्काल हायर सेंटर जाने की सलाह दी।

परिजन देहरादून जाने की व्यवस्था जुटाते तब तक प्रसूता ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

प्रभारी चिकित्साअधिकारी डॉ0 पंकज कुमार ने कहा कि, महिला का काफी दिनों पहले से ही दून चिकित्सालय में उपचार चल रहा था,जहां से दो दिन पूर्व प्रसूता को एम्स के लिए रेफर किया गया लेकिन परिजन घर लेकर आ गये।

सोमवार देर सांय प्रसव पीड़ा पर अस्पताल में लाया ,जहां दो जुड़वा अल्पविकसित शिशुओं को किसी तरह बहार तो निकाला गया ।वहीं महिला को तत्काल हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी गयी लेकिन समय पर न पंहुचने पर अधिक रक्तस्राव से महिला की मृत्यु हो गयी।

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