भुवन जोशी हत्याकांड: लड़की का इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार समेत अन्य पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज।

रिपोर्ट- जगदम्बा कोठारी अल्मोड़ा के बहुचर्चित भुवन जोशी प्रकरण के बाद गलत तरीके से नाबालिग लड़की का इंटरव्यू लेने वाले एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल जेजेएन के पत्रकार दीपांशु कुंवर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक न्यूज़ चैनल व कुछ और लोगों पर पॉक्सो एवं किशोर अधिनियम की गंभीर धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। बालिका के […]

रिपोर्ट- जगदम्बा कोठारी

अल्मोड़ा के बहुचर्चित भुवन जोशी प्रकरण के बाद गलत तरीके से नाबालिग लड़की का इंटरव्यू लेने वाले एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल जेजेएन के पत्रकार दीपांशु कुंवर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक न्यूज़ चैनल व कुछ और लोगों पर पॉक्सो एवं किशोर अधिनियम की गंभीर धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बालिका के वीडियो वायरल होने के बाद बाल कल्याण समिति अल्मोड़ा ने मामले का संज्ञान लिया। बाल कल्याण समिति के संज्ञान में आया कि, कुछ इलेक्ट्रॉनिक न्यूज़ चैनल द्वारा जिनमें दीपांशु कुंवर जेजेएन व अन्य न्यूज़ चैनलों द्वारा नाबालिग के इंटरव्यू अनगर्ल तरीके से पूछकर बच्ची की पहचान उजागर प्रकाशित की गई है।

जिससे बच्ची पर मनोवैज्ञानिक तौर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने और बालिका की सुरक्षा को खतरा प्रतीत होने एवं बाल हित में संबंधित न्यूज चैनलों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने व सुरक्षा प्रदान करने के संबंध में एसएसपी अल्मोड़ा को पत्र प्रेषित किया गया था।

  पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा द्वारा प्रकरण की संवेदनशीलता एवं गम्भीरता को देखते हुए तत्काल थानाध्यक्ष दन्या सन्तोष देवरानी को मामले में आवश्यक कार्यवाही हेतुु निर्देशित किया गया।

थानाध्यक्ष दन्या द्वारा प्रकरण में शीघ्र कार्यवाही कर उक्त संबंधित न्यूज चैनलों /अन्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व अन्य लोगों के विरुद्ध थाना दन्या में मु0अ0सं0- 16/2021 धारा- 23 पोस्को, किशोर न्याय अधिनियम की धारा- 74 के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया तथा प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना व आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किए जाने के उद्देश्य से की विवेचना महिला थानाध्यक्ष श्वेता नेगी के सुपुर्द किया गया है।

एसएसपी अल्मोड़ा ने करी जनता से अपील

एसएसपी अल्मोड़ा पंकज भट्ट ने सभी सम्मानित जनता से अपील है कि, नाबालिक की पहचान उजागर करना माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार व विभिन्न नियमों के तहत नाबालिग पीड़िता/नाबालिक विधि के विरोध में बालक/बालिका की पहचान तथा विद्यालय का पता उजागर करना दंडनीय अपराध है।

 नाबालिक का किसी भी प्रकार का प्रकटीकरण उसके फोटो को प्रसारित किया जाना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है।आप इस प्रकार का कोई भी ऐसा कृत्य न करें जिससे आपके विरूद्व कानूनी कार्यवाही करने पर पुलिस को बाध्य होना पड़े।

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