यह वीडियो जरूर देखिए: इस पूजा मे सीएम हैलीकॉप्टर से जाएंगे और जनता मौत के रास्ते

कमल जगाती, नैनीताल उत्तराखण्ड के धारचूला में मौत के रास्ते की इन तस्वीरों को देखकर आप भी सिहर उठेंगे। पतले संकरी रास्ते से हर रोज गुजरते इन ग्रामीणों की जान हथेली पर रहती है। उत्तराखण्ड बनने के 19 वर्षों बाद भी इस क्षेत्र के विकास के नाम पर केवल वायदे ही दिए गए हैं। देखिए […]

कमल जगाती, नैनीताल

उत्तराखण्ड के धारचूला में मौत के रास्ते की इन तस्वीरों को देखकर आप भी सिहर उठेंगे। पतले संकरी रास्ते से हर रोज गुजरते इन ग्रामीणों की जान हथेली पर रहती है। उत्तराखण्ड बनने के 19 वर्षों बाद भी इस क्षेत्र के विकास के नाम पर केवल वायदे ही दिए गए हैं।

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https://youtu.be/tpIqoqjbjDQ

पिथौरागढ़ जिले के धारचूला की व्यास वैली में बनी इस पखडण्डी के रास्ते ही कई गांव के लोग अपने घर पहुँचते हैं। इस साक्षात मौत के रास्ते से दस ग्राम सभाओं के ग्रामीण आते जाते हैं। ये सब लोग इस क्षेत्र में होने वाली व्यास ऋषि की पूजा और मेले के लिए जा रहे हैं।

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https://youtu.be/HlthT3Vv3sc

यहां बूढे, बच्चे और महिलाएं इस जोखिम भरे रास्ते को पार करने को मजबूर हैं, क्योंकि यहां का दूसरा रास्ता केवल आसमान से होकर गुजरता है। व्यास ऋषि के नाम पर आयोजित मेले की स्वर्ण जयंती आगामी 15 से 17 अगस्त तक मनाई जानी तय है। इस मेले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और सांसद अजय टम्टा के पहुंचने का कार्यक्रम तय है। हालांकि वे हैलीकॉप्टर से आसानी से पहुँच जाएंगे।

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https://youtu.be/uDfKqJVRd6o

 

सोसा निवासी खुशाल गरखाल बताते हैं कि सरकार की अनदेखी के बाद इस तीन से चार फुट की खस्ताहाल पगडण्डी से सैकड़ों ग्रामीणों को गुजरना पड़ रहा है। यहां के लोग एक दूसरे को मदद कर इस खतरनाक रास्ते को पार कराते हैं। एक तरफ खड़ा पहाड़ तो दूसरी तरफ तेज बहती काली नदी। पैर फिसला तो मौत निश्चित। कुछ महिलाएं तो डरकर इस रास्ते को लोगों की हौसलाअफजाई के बाद ही पार कर पाती हैं। पार करने वाले व्यक्ति को रस्सी बांधकर दूसरी रस्सी के सहारे स्थानीय लोगों द्वारा पार कराया जाता है। यहां से सामान भी पार कराया जाता है। भारी सामान कैसे पार होता है आप खुद ही अनुमान लगा सकते हैं। सरकार कब जागेगी, इस यक्ष सवाल का जवाब केवल भगवान के पास है।

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