हाईकोर्ट नैनिताल: अतिक्रमण न हटाने पर अवमानना की चेतावनी। व्यक्तिगत पेशी को कहा

अतिक्रमण न हटाने पर अवमानना की चेतावनी। व्यक्तिगत पेशी को कहा

 

रिपोर्ट- कमल जगाती
नैनीताल। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने देहरादून में अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाने के मामले पर सुनवाई करते हुए नगर निगम, जिला अधिकारी, केंट बोर्ड, एमडीडीए के उच्च अधिकारियों को 19 नम्बर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है। न्यायालय ने चेतावनी दी है कि, क्यों नही आप के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाय। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश रवि कुमार मलिमथ व न्यायमुर्त्ति रविन्द्र मैठाणी की खण्डपीठ में हुई। पूर्व में एसएसपी को निर्देश दिए थे कि, याचिकाकर्ता को शुरक्षा मुहैय्या कराएं।

मामले के अनुसार देहरादून निवासी आकाश यादव ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि, 2018 में माननीय उच्च न्यायलय ने मनमोहन लखेरा की जनहित याचिका में आदेश दिया था कि, देहरादून से सड़कों, गलियों, नालियों व रिस्पना नदी से अतिक्रमण हटाकर उसे पुराने स्वरूप में लाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद प्रशासन ने घंटाघर सहित कई स्थानों से अतिक्रमण हटाया, परन्तु प्रशासन की लापरवाही के चलते लोगो ने कई स्थानों पर पुनः अतिक्रमण कर लिया। जिसके कारण रोड, नालियां, गलियां सहित कई मार्ग संकृत हो गए है और आम लोगो के चलने तक का रास्ता नही बचा है। इसलिए देहरादून की अतिक्रमण मुक्त कराने की प्राथना की है।

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