उच्च शिक्षा विभाग और देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के सहयोग से दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ

-‘अपार’ आईडी निर्माण में तेज़ी लाएं संस्थान – मेनन 

– क्रेडिट ट्रांसफर समस्याओं के निदान हेतु दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित 

– उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड और विभिन्न विश्वविद्यालय प्रबंधन ले रहे हिस्सा 

एक राष्ट्र एक छात्र-पहचान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा एकेडमिक  क्रेडिट ट्रांसफर को धरातल पर उतारने हेतु लगातार प्रयास जारी हैं।  इसी कड़ी में उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड और देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के सहयोग से दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ, जिसमें छात्र शिक्षा से जुड़े विभिन्न दस्तावेज़ों को एकेडमिक  बैंक ऑफ़ क्रेडिट्स के अंतर्गत लाने हेतु विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की जा रही है। 

बुधवार को देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड के सहयोग से दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत हुयी।  इस मौके पर विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ प्रीति कोठियाल ने उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड के सम्मानित सदस्यों का स्वागत किया और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यशाला का शुभारभ हुआ। सहायक निदेशक, उच्च शिक्षा विभाग डॉ दीपक कुमार पांडेय ने कहा कि प्रदेश में एकेडमिक क्रेडिट ट्रांसफर की रफ़्तार को बढ़ाने की ज़रुरत है। इसलिए पेश आ रही सभी तकनीकी समस्याओं के निदान हेतु कार्यशाला आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सुनिश्चित करें कि एकेडमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट/ नेशनल एकेडमिक डिपाजिटरी के साथ रिजल्ट मैपिंग की जाए, क्योंकि बिना रिजल्ट मैपिंग के एकेडमिक क्रेडिट संभव नहीं है। वहीं, बीना मेनन उपसचिव, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने ऑनलाइन माध्यम से कहा कि क्रेडिट ट्रांसफर को कागज़ में नहीं बल्कि धरातल पर लाने की ज़रुरत है। इसलिए सभी विश्वविद्यालय, शिक्षा संस्थान तकनीकी समस्याओं को जल्द से जल्द दूर कर क्रेडिट ट्रांसफर की गति को बढ़ाएं ताकि एक राष्ट्र एक छात्र-पहचान को साकार किया जा सके। बावजूद इसके अगर कोई सहायता व परामर्श चाहिए तो यूजीसी इसके लिए तत्पर है। सचिव, उच्च शिक्षा उत्तराखंड शैलेश बगोली ने कहा कि एकेडमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट के लिए छात्रों का क्रेडिट स्कोर अर्थात उनकी शिक्षा से जुड़े सभी दस्तावेज़ स्थानांतरित होने आवश्यक हैं।  इसलिए इस कार्य को प्राथमिकता के साथ किया जाना ज़रूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को ऑनलाइन मार्कशीट डाउनलोड करने से पूर्व अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडेमिक अकाउंट रजिस्ट्री ) आईडी देना आवश्यक किया जाए।  ताकि, छात्रों से लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन आईडी निर्माण में गति लाएं और क्रेडिट स्थानांतरण तेज़ी से हो।  इस मौके पर देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ प्रीति कोठियाल ने कहा कि जिस प्रकार बैंक राशि का लेनदेन आसान बनाते हैं ठीक इसी प्रकार ऐकडेमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट छात्रों के स्थानांतरण को आसान बनाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि क्रेडिट ट्रांसफर की दिशा में तेज़ी से कार्य किया जाये।  ताकि भारत सरकार के एक राष्ट्र, एक छात्र-पहचान के सपने को साकार किया जा सके। इस मौके पर एनएडी-एबीसी के राष्ट्रीय समन्वयक गौरव खरे, तकनीकी विशेषज्ञ आलोक तोमर, रोहित सिंह, इंद्रेश रमोला सहित देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के उपकुलपति डॉ आरके त्रिपाठी, कुलसचिव विनोद कुमार,  विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक शामिल रहे।

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