Dehradun Health News: जागरूकता और शुरुआती जांच पर जोर
Max Super Speciality Hospital ने World Parkinson’s Day के अवसर पर पार्किंसंस रोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने और शुरुआती जांच के महत्व पर जोर दिया।
अस्पताल का कहना है कि समय रहते पहचान और इलाज से इस बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
क्या है पार्किंसंस रोग और क्यों है खतरनाक?
Parkinson’s disease एक तेजी से बढ़ने वाला न्यूरोलॉजिकल विकार है, जो शरीर की मूवमेंट और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
इस बीमारी के शुरुआती लक्षण अक्सर इतने हल्के होते हैं कि मरीज उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।
डॉक्टर की सलाह: शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
डॉक्टर आयुष सिंह ने बताया कि हल्का कंपन, शरीर में अकड़न और चलने-फिरने में बदलाव इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि समय पर इलाज शुरू होने से बीमारी को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है।
मोटर ही नहीं, गैर-मोटर लक्षण भी हैं अहम
डॉक्टरों के अनुसार, पार्किंसंस केवल कंपन या धीमी गति तक सीमित नहीं है।
नींद में गड़बड़ी, मूड स्विंग और सोचने-समझने में दिक्कत जैसे लक्षण भी इसके अहम संकेत हो सकते हैं।
इलाज के लिए मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बीमारी के प्रबंधन के लिए दवाओं के साथ-साथ लाइफस्टाइल में बदलाव और नियमित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है।
इससे मरीज की स्वतंत्रता और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है।
अस्पताल की अपील: समय पर लें मेडिकल सलाह
मैक्स हॉस्पिटल ने लोगों से अपील की है कि वे शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
साथ ही पार्किंसंस से जूझ रहे मरीजों के प्रति जागरूकता और समर्थन बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।

